सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल में 9 मई को भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर भाजपा के वरिष्ठतम कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार को सम्मानित किया था और उनके पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया था। इसके बाद से माखनलाल सरकार चर्चा में थे और लोग जानना चाहते थे कि वो कौन हैं।
माखनलाल सरकार 98 साल के हैं और पश्चिम बंगाल में बीजेपी के वरिष्ठतम कार्यकर्ताओं में से एक हैं। वह शुरू से बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं और साल 1952 में, भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ उन्हें कश्मीर में गिरफ्तार कर लिया गया था।
माखनलाल ने क्या इच्छा जताई?
माखनलाल सरकार ने ANI को बताया, "मैं अपनी ईमानदारी का फल पा रहा हूं। मेरी हमेशा से यही कामना रही है कि पश्चिम बंगाल में विकास हो, युवाओं को अच्छी शिक्षा मिले और राज्य के लोगों को रोजगार की तलाश में बाहर न जाना पड़े। अब सरकार को राज्य के विकास के लिए काम करना चाहिए।"
कोलकाता में हुआ था शपथ ग्रहण समारोह
पश्चिम बंगाल सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के बिग्रेड परेड ग्राउंड में हुआ था। इस दौरान सीएम पद की शपथ शुभेंदु अधिकारी ने ली थी। इसके अलावा 5 अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली थी। इसमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। शपथ ग्रहण से पहले ही पीएम मोदी ने माखनलाल सरकार के पैर छुए थे।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है। विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 207 सीटें जीती हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को 2 सीटें मिली हैं और AJUP को भी 2 सीटें मिली हैं। सीपीआईएम को एक सीट ही मिली है। बीजेपी के लिए पश्चिम बंगाल फतेह करना एक बड़ी उपलब्धि है।