हवाना: वेनेजुएला में 'ऑपरेशन मादुरो' के दौरान अमेरिकी हमले में क्यूबा के 32 जवानों की मौत हुई थी। अब इसका एक वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि ये सभी सैन्य अधिकारी वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सुरक्षा में तैनात थे। इस घटना से क्यूबा में गहरे शोक की लहर है।
क्यूबा पहुंचे सैन्य अधिकारियों के शव
वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य हमले में मारे गए इन 32 क्यूबन अधिकारियों के शव बृहस्पतिवार वापस लाए गए हैं। वाशिंगटन पोस्ट और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार ये अधिकारी वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो की सुरक्षा में तैनात थे। बीती 3 जनवरी को अमेरिकी बलों ने काराकास में एक आश्चर्यजनक छापेमारी की थी। इस ऑपरेशन में मदुरो को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने "ब्रिलियंट" बताया है। इसी दौरान ये जवान संघर्ष में मार दिए गए थे।
हवाना में जवानों की अस्थियां देख भावुक हुए लोग
अमेरिकी हमले में मारे गए क्यूबा के इन जवानों की अस्थियां जैसे ही हवाना के जोसे मार्टी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंची, वहां शोक व्याप्त हो गया। लोगों ने भावुक समारोह में शिरकत की। सफेद दस्ताने पहने क्यूबन सैनिकों ने ट्रंपेट और ड्रम की धुन पर उन 32 अधिकारियों की अस्थियां विमान से उतारीं। ये अधिकारी क्यूबा की क्रांतिकारी सशस्त्र सेना और आंतरिक मंत्रालय के सदस्य थे, जिनकी उम्र 26 से 60 वर्ष के बीच थी। क्यूबा सरकार ने उन्हें "राष्ट्रीय नायकों" के रूप में सम्मानित किया और कहा कि वे "साम्राज्यवादी हमले" के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हुए।
अमेरिकी हमले में वेनेजुएला में 100 से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत
वेनेजुएला सरकार के अनुसार, काराकास में अमेरिकी हमले में 100 से अधिक लोग मारे गए थे, जिसमें वेनेजुएलन सैनिक और नागरिक शामिल हैं। क्यूबा ने पहले ही इन 32 शहीदों के नाम, रैंक और उम्र सार्वजनिक की थीं और दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था। अब पूरे देश में राष्ट्रीय शोक मनाया जा रहा है, जिसमें झंडे आधे झुके हुए हैं और जनता श्रद्धांजलि दे रही है। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने कहा कि ये "बहादुर योद्धा" आतंकवादियों से लड़ते हुए मारे गए। अमेरिका ने हमले का बचाव करते हुए कहा कि यह मदुरो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई थी, जो अमेरिका में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
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