Ethiopia Volcanic Eruption: 'ऐसा लगा जैसे अचानक कोई बम गिरा हो', जानें चश्मदीद ने और क्या कहा?
इथियोपिया में हुए ज्वालामुखी विस्फोट के बाद स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एक स्थानीय निवासी अहमद अब्देला ने विस्फोट का भयावह मंजर बयां किया है। चलिए जानते हैं कि अहमद अब्देला ने क्या कहा है।
Ethiopia Volcanic Eruption: भारत से लगभग 4000 किलोमीटर दूर इथियोपिया में हुई एक प्राकृतिक घटना का असर हजारों किलोमीटर दूर कई देशों पर पड़ा है। इथियोपिया में हैली गुब्बी ज्वालामुखी फटा है और इसका असर भारत तक में दिखा है। ज्वालामुखी विस्फोट से उठी राख भारत तक चली आई है। फिलहाल, आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि राख के बादल चीन की ओर बढ़ रहे हैं और भारतीय वायु क्षेत्र से दूर चले जाएंगे। ज्वालामुखी से निकली राख के बादलों ने 24 नवंबर की रात पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में प्रवेश किया था।
भयावह था मंजर, देखें वीडियो
इथियोपिया में जब हैली गुब्बी ज्वालामुखी फटा तो मंजर भयावह था। स्थानीय निवासी अहमद अब्देला ने कहा कि उन्होंने एक तेज आवाज सुनी जो शॉक वेव जैसी थी। अब्देला ने कहा, "ऐसा लगा जैसे अचानक कोई बम फटा हो और उसमें धुआं और राख हो।" अब्देला के मुताबिक, डानाकिल रेगिस्तान के पास का गांव, जो एक टूरिस्ट स्पॉट है, सोमवार को राख से ढका हुआ था और रेगिस्तान जा रहे टूरिस्ट और गाइड गांव में फंसे हुए थे।
ज्वालामुखी विस्फोट से कोई हताहत नहीं हुआ
एक अधिकारी मोहम्मद सईद ने कहा कि ज्वालामुखी विस्फोट से कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन इससे स्थानीय पशुपालकों के समुदाय पर आर्थिक असर पड़ सकता है। इथियोपिया के अफार इलाके में हैली गुब्बी ज्वालामुखी रविवार सुबह फटा था। यह ज्वालामुखी लंबे समय से शांत था। सईद ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि ज्वालामुखी के फटने का पहले कोई रिकॉर्ड नहीं था और उन्हें वहां रहने वालों की रोजी-रोटी का डर है। उन्होंने कहा, "हालांकि अभी तक किसी इंसान की जान या जानवरों का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन कई गांव राख से ढक गए हैं और इस वजह से उनके जानवरों के पास खाने के लिए बहुत कम है।"
हर तरफ फैल गया राख का गुबार
हैली गुब्बी ज्वालामुखी के विस्फोट के दौरान राख का गुबार 10 से 15 किलोमीटर ऊंचाई तक उठा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह बेहद दुर्लभ घटना है और इसके प्रभाव लंबे समय तक महसूस किए जा सकते हैं। राख का गुबार में ज्वालामुखीय राख, सल्फर डाइऑक्साइड और कांच व चट्टान के सूक्ष्म कण शामिल हैं। ये तत्व वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
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