फ्रांस ने फिलिस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता दी, UN बोला- 'दो-राष्ट्र समाधान ही एकमात्र रास्ता'
संयुक्त राष्ट्र की बैठक में फ्रांस ने फिलिस्तीन को एक राष्ट्र के तौर पर मान्यता दे दी है। राष्ट्रपति मैक्रों ने इसका मकसद मध्य पूर्व में इजरायल और फिलिस्तीन के बीच शांति स्थापित करना बताया है।
मध्य-पूर्व एशिया की राजनीति दिलचस्प होती जा रही है। एक ओर इजरायल गाजा में हमास के खिलाफ अभियान चला रहा है तो वहीं, दूसरी ओर ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने एक के बाद एक फिलिस्तीन को मान्यता दे दी है। अब इस लिस्ट में फ्रांस का नाम भी जुड़ गया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को कहा कि फ्रांस ने आधिकारिक तौर पर फिलिस्तीन राष्ट्र को मान्यता दे दी है। ये कदम संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के दौरान उठाया गया है।
राष्ट्र का दर्जा एक अधिकार है, इनाम नहीं- UN
संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि "फिलिस्तीनी राष्ट्र का दर्जा एक अधिकार है, इनाम नहीं।" एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार को वैश्विक नेताओं की उस बैठक में ये बात कही, जिसका उद्देश्य इजरायल के साथ-साथ एक फिलिस्तीनी राष्ट्र बनाने के प्रयासों को पुनर्जीवित करना था। हालांकि, इजरायल की सरकार ने फिलिस्तीनी राष्ट्र के दर्जे को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि इससे हमास को लाभ होगा।
फ्रांस ने क्या दलील दी?
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फिलिस्तीन राष्ट्र को मान्यता देने की घोषणा कर दी है। फ्रांस का ये फैसला कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और ऑस्ट्रेलिया द्वारा फिलिस्तीन को औपचारिक मान्यता देने की घोषणा के एक दिन बाद आया है। मैक्रों ने कहा- "हमें दो-राष्ट्र समाधान की संभावना को बनाए रखने के लिए अपनी शक्ति के अनुसार हर संभव प्रयास करना चाहिए, ताकि इजरायल और फिलिस्तीन शांति और सुरक्षा के साथ साथ रह सकें।"
दो-राष्ट्र समाधान ही एकमात्र रास्ता- UN
UN के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने भी बड़ा बयान दिया है। दुजारिक ने कहा कि "दो-राष्ट्र समाधान को लेकर सोमवार को बैठक होने वाली है। ये बैठक UNGA के लिए काफी महत्वपूर्ण है। हमारा मानना है कि दो-राष्ट्र समाधान ही एकमात्र समाधान है जो इजरायल और फिलिस्तीन के बीच वर्तमान में दिखाई देने वाली चुनौतियों का समाधान हो सकता है।"
इजरायल का क्या है पक्ष?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फिलिस्तीन को राष्ट्र के रूप में स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है। नेतन्याहू ने साफ-साफ कहा है कि फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना नहीं होगी। उन्होंने कहा- "ऐसा नहीं होगा। जॉर्डन नदी के पश्चिम में फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना नहीं होगी।" नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ये कदम हमास को इनाम देने जैसा है।
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