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नेपाल के बाद अब एक अमेरिकी देश में Gen-Z प्रोटेस्ट ने हिला दी सरकार, सड़कों पर उतरे हजारों लोग

नेपाल के बाद अब अमेरिका के एक पड़ोसी देश में जेन-जेड आंदोलन ने रफ्तार पकड़ ली है। सरकार की नीतियों के खिलाफ हजारों युवा सड़क पर आ गए हैं।

मेक्सिको में सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे हजारों लोग।- India TV Hindi Image Source : AP मेक्सिको में सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे हजारों लोग।

मेक्सिको सिटी: नेपाल के बाद अब अमेरिका के एक पड़ोसी देश में जेन-जेड आंदोलन ने रफ्तार पकड़ ली है। मेक्सिको में बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा के खिलाफ 'जेनरेशन जेड' (जेन जेड) के आह्वान पर शनिवार को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। इससे सरकार के हाथ-पैर फूलने लगे। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाउम सरकार की सुरक्षा नीतियों और ड्रग कार्टलों के खिलाफ नरमी के खिलाफ किया जा रहा है। खासकर मिशोआकान राज्य में ड्रग तस्करों के विरुद्ध अभियान चला रहे मेयर कार्लोस मंज़ो की हत्या के बाद आंदोलन ने तेजी पकड़ ली है।

विपक्षी दल भी जेन-जेड के साथ

जेन जेड के इस आंदोलन को विपक्षी दलों के विभिन्न आयु वर्ग के नेताओं और समर्थकों का भी खुलकर समर्थन मिल रहा है। ऐसे में इस आंदोलन ने अब व्यापक रूप धारण कर लिया है। यह प्रदर्शन ज्यादातर शांतिपूर्ण रहा, लेकिन अंत में कुछ युवाओं के साथ पुलिस के बीच झड़पें भड़क उठीं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर, पटाखे, लाठियां और जंजीरें फेंकीं, साथ ही उनकी ढालें और अन्य उपकरण छीन लिए। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।

 

झड़प में 100 पुलिसकर्मियों समेत 120 लोग घायल

 

राजधानी के सुरक्षा सचिव पाब्लो वाजक्वेज ने बताया कि झड़पों में कुल 120 लोग घायल हुए, जिनमें से 100 पुलिस अधिकारी शामिल हैं। इस संबंध में 20 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को घसीटते और बल प्रयोग करते दिखाया गया, जिससे मनमानी गिरफ्तारियों और दुरुपयोग के आरोप लगे।

 

क्या है जेन जेड आंदोलन

जेन जेड, यानी 1990 के दशक के अंत और 2010 के शुरुआती वर्षों में जन्मे युवा इस साल कई देशों में असमानता, लोकतांत्रिक पतन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। नेपाल में सितंबर में सोशल मीडिया प्रतिबंध के बाद हुए सबसे बड़े जेन जेड प्रदर्शन के परिणामस्वरूप प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था। मेक्सिको में युवा प्रणालीगत समस्याओं से तंग आ चुके हैं। इसकी वजह भ्रष्टाचार, हिंसक अपराधों और अपराधियों को दंड से छूट मिलना है। वे सरकार को 'नार्को-स्टेट' (ड्रग माफिया प्रभावित राज्य) कहकर निशाना बना रहे हैं, जहां कार्टल हिंसा और सामूहिक गायब होने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

 

सोशल मीडिया ने आंदोलन को दी रफ्तार

इस प्रदर्शन में केवल युवा ही नहीं, बल्कि विभिन्न आयु वर्ग के लोग शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति विसेंट फॉक्स और मेक्सिकन अरबपति रिकार्डो सेलिनास प्लीगो ने सोशल मीडिया पर समर्थन संदेश जारी किए। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय महल (पलासियो नासियोनल) के आसपास की बाड़ तोड़ी और राष्ट्रपति शेनबाउम के इस्तीफे की मांग की। कई ने 'वन पीस' कार्टून से प्रेरित समुद्री डाकू का खोपड़ी वाला झंडा लहराया, जो जेन जेड के वैश्विक विरोध का प्रतीक बन चुका है। एक 29 वर्षीय प्रदर्शनकारी एंड्रेस मासा ने कहा, "हमें अधिक सुरक्षा की जरूरत है। देश मर रहा है। यह आंदोलन मेक्सिको सिटी से आगे अन्य शहरों में भी फैल गया है, जहां युवा सरकार पर कार्टल हिंसा रोकने में नाकामी का आरोप लगा रहे हैं। (एपी)

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