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ईरान और अमेरिका के बीच सुलह के आसार! 14 सूत्रीय फ्रेमवर्क पर बातचीत की तैयारी, तनाव कम करने की कोशिशें तेज

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। दोनों देश 14 सूत्रीय ढांचे पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत बातचीत फिर से शुरू करने की तैयारी है।

Trump- India TV Hindi
Image Source : AP ट्रंप और अघारची

ईरान और अमेरिका अब धीरे-धीरे एक डील की ओर बढ़ रहे हैं। सूत्रों की मानों तो दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक नई पहल सामने आई है। दोनों देश 14 सूत्रीय ढांचे पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत आपसी बातचीत को फिर से शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वार्ता अगले हफ्ते इस्लामाबाद में दोबारा शुरू हो सकती है।

परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए ईरान तैयार, होर्मुज पर फंसा पेंच

सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच सबसे ज्यादा विवादित मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम रहा है। ईरान अब अपने परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए तैयार हो गया है। हालांकि, यूरेनियम संवर्धन, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर अब भी गंभीर मतभेद बने हुए हैं।

सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित बातचीत करीब एक महीने तक चल सकती है, जिसमें दोनों पक्ष कुछ रियायतें देने पर भी विचार कर रहे हैं। इसके तहत ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज  में अपनी पाबंदियों में ढील दे सकता है, जबकि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर दबाव कम करने की दिशा में कदम उठा सकता है।

अमेरिका तेहरान पर दबाव बनाने की कर रहा कोशिश

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान पर दबाव बनाने की कोशिश की और धमकी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो बमबारी की एक नई लहर शुरू हो जाएगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि दो महीने से चल रहा यह युद्ध जल्द ही खत्म हो सकता है और इस संघर्ष के कारण तेल और प्राकृतिक गैस की जो खेप रुक गई थी, वह फिर से शुरू हो सकती है। लेकिन उन्होंने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि ईरान उस कथित समझौते को स्वीकार करता है या नहीं, जिसके बारे में राष्ट्रपति ने विस्तार से नहीं बताया।

अगर सहमति नहीं हुई तो ईरान पर बमबारी शुरू हो जाएगी-ट्रंप

ट्रंप ने लिखा, "अगर वे सहमत नहीं होते, तो बमबारी शुरू हो जाएगी।" ट्रंप ने ये ताज़ा टिप्पणियाँ तब कीं, जब उन्होंने होर्मुज़ से होकर गुज़रने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए एक सुरक्षित मार्ग खोलने की अमेरिका की एक छोटी सी कोशिश को रोक दिया था। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जिससे युद्ध से पहले तेल और गैस की बड़ी खेप, उर्वरक और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद गुज़रते थे। ईरान द्वारा होर्मुज को प्रभावी ढंग से बंद कर देने से ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई है और चीन जैसी बड़ी शक्तियों सहित कई देशों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ रहा है।

चीन के विदेश मंत्री ने बुधवार को बीजिंग में ईरान के शीर्ष दूत से मुलाकात करने के बाद एक व्यापक युद्धविराम का आह्वान किया। वांग यी ने कहा कि उनका देश इस संघर्ष से गहराई से व्यथित है। ट्रंप प्रशासन चीन पर दबाव डाल रहा है कि वह इन संबंधों का उपयोग करके इस्लामिक गणराज्य (ईरान) से इस जलडमरूमध्य को खोलने का आग्रह करे।

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