काबुल: अफगानिस्तान में 11 पुलिसकर्मियों को मंगलवार को एक साल जेल की सजा सुनाई गई। इन पर ईशनिंदा की आरोपी महिला की सुरक्षा में लापरवाही बरतने का आरोप है, जिसके बाद महिला की भीड़ ने हत्या कर दी थी। खामा प्रेस की एक रपट के मुताबिक, काबुल की प्राथमिक अदालत ने 11 पुलिसकर्मियों को एक साल जेल की सजा सुनाई।
इससे पहले, 19 पुलिसकर्मियों सहित 49 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन सबूतों के अभाव में इनमें से कुछ को छोड़ दिया गया था।
महिला की हत्या के मामले में दोषी पाए जाने के बाद छह मई को चार नागरिकों को मौत की सजा सुनाई गई थी, जबकि आठ अन्य को 16 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
काबुल स्थित शाह दो शमशेरा मस्जिद में पवित्र कुरान की प्रति जलाने का झूठा आरोप लगाते हुए फरखुंदा की 19 मार्च को हत्या करने के बाद उसके शव को कार से रौंदकर आग के हवाले कर दिया गया था।
मामले की त्वरित सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि फरखुंदा ने कुरान की प्रति नहीं जलाई थी और उसके खिलाफ यह आरोप एक ताबीज बेचने वाले ने लगाया था, जिसके अंधविश्वास पर महिला ने कुछ कहा था।
इस घटना की पूरी दुनिया में निंदा हुई और पूरे देश में इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुए।
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