काठमांडू: नेपाल पर खतरों का कहर लगातार बरकरार है। पिछले दिनों भूकंप से हुए तहस-नहस के बाद भी नेपालवासियों की मुसीबतें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद आए भूस्खलन में 47 लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 लोग घायल हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार शाम तक कई लोगों के लापता होने की सूचना मिली है। वहीं पुलिस के अनुसार, अब तक 16 शव बरामद किए जा चुके हैं। भूस्खलन से सबसे ज्यादा प्रभावित म्याग्लुंग के सुदूरवर्ती इलाके हुए हैं, जहां पहुंचने में कम से कम नौ घंटों का समय लगता है।
तापलेजंग के सहायक मुख्य जिला अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद भट्टरई ने कहा कि, "अब तक 16 लोगों के शव बरामद किए गए हैं और हमें बताया गया है कि भूस्खलन में 50 और लोग मारे गए हैं।"
जिले के लिवांग, थोकलिंग, थिंगलाबु और लिंगकेट गांव भूस्खलन से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। पुलिस ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। नेपाल में बुधवार से हो रही तेज बारिश और बाढ़ के कारण बचाव कार्य भी रूकावट आ रही है।
नेपाल सेना के हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण नेपाल सेना के हेलीकॉप्टर प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग बचाव कार्यो में जुटे हैं। अब तक सिर्फ दो घायलों को जिला अस्पताल में पहुंचाया जा सका है।
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