बर्बर जिहादी
लखवी 1980 की शुरुआत में जिहाद करने अफ़ग़ानिस्तान गए थे। उन्हें सबसे बर्बर जिहादी माना जाता है। वो जमात-उद-दावा इलाल क़ुरान वा सुन्हा (जेडीक्यूएस) के साथ 1980 के दशक में सोवियत संघ के खिलाफ़ लड़े थे। जेडीक्यूएस ने ही दुश्मन का सिर कलम करने या उसका गला रेतने की इस्लामी परंपरा को पुनर्जिवित किया। उन दिनों हाफिज़ सईद और ज़कीउर रहमान लखवी जैसे जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैबा के संस्थापक सदस्य जेडीक्यूएस के कमांडरों के नेतृत्व में जिहाद कर रहे थे। लश्कर-ए-तैबा के गठन के बाद वो भारत प्रशासित कश्मीर में इसी वीभत्स तरीके से दुश्मनों से निपटते रहे। साल 1995 की गर्मियों में अबु हैबत ने एक भारतीय सैनिक का सिर कलम किया। जमात-उद-दावा ने सैनिक के कटे हुए सिर को अपने सालाना जलसे में प्रदर्शित किया गया था।
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