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हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों के जवाब में चीन समर्थक प्रदर्शनकारियों की रैली

हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता फिर से बड़े मार्च का आयोजन करने की तैयारी में हैं। इस बार की रैलियां आंदोलन की एक बड़ी परीक्षा होगी क्योंकि सप्ताह के आरंभ में हवाई अड्डे पर विरोध प्रदर्शन की काफी आलोचना हुई थी।

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हांगकांग: हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता फिर से बड़े मार्च का आयोजन करने की तैयारी में हैं। इस बार की रैलियां आंदोलन की एक बड़ी परीक्षा होगी क्योंकि सप्ताह के आरंभ में हवाई अड्डे पर विरोध प्रदर्शन की काफी आलोचना हुई थी। साथ ही, चीन के अगले कदम को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं। इस बीच, हजारों सरकार समर्थक प्रदर्शनकारी भी मार्च करते हुए एक पार्क में जमा हुए और लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनारियों की आलोचना करते हुए पुलिस का समर्थन किया। 

सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों में कई चीनी ध्वज भी रखे हुए थे। इस तरह शहर में प्रदर्शन को लेकर अब घुव्रीकरण हो रहा है। पिछले 10 हफ्ते से चल रहे प्रदर्शनों ने इस अंतरराष्ट्रीय आर्थिक केंद्र को संकट में डाल दिया है क्योंकि चीन के वामपंथी शासन ने कड़ा रुख अपना रखा है। चीन ने हिंसक प्रदर्शनकारियों के कदमों को “आतंकवादी की तरह” करार दिया है। 

प्रदर्शनकारी बड़ी रैलियां करने की योजना बना रहे हैं। इसके जरिये चीन और शहर के गैर निर्वाचित नेताओं को यह दिखाना है कि उनके आंदोलन को अब भी व्यापक जनसमर्थन हासिल है। प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को शहर के हवाई अड्डे पर यात्रियों को उड़ानों में सवार होने से रोक दिया था और बाद में दो पुरुषों से मारपीट की जिस पर उन्होंने चीन का जासूस होने का आरोप लगाया। इन तस्वीरों से उस आंदोलन को नुकसान पहुंचा जिससे अभी तक पुलिस या सरकारी संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा था। 

चीनी सरकारी मीडिया ने शेनजेन में सीमा के पास सैन्य कर्मियों एवं बख्तरबंद वाहनों की मौजूदगी की तस्वीरें प्रकाशित की। वहीं, अमेरिका ने चीन को सेना भेजने के खिलाफ आगाह किया है। कई विश्लेषकों का मानना है कि चीन का यह कदम उसकी साख के साथ ही आर्थिक संकट का मामला बन सकता है। मूसलाधार वर्षा के बीच शनिवार की रैली की शुरूआत हुई। इस प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य तौर पर युवाओं द्वारा किया गया। दोपहर में भीड़ हुंग होम से क्वा वान के लिए मार्च के लिए एकत्र होने लगी। 

एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘सरकार ने अब तक हमारी एक भी मांग पर जवाब नहीं दिया है और लोगों की आवाज दबाने के लिए पुलिस के जरिए बल प्रयोग बढ़ा दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम बाहर नहीं निकलेंगे तो हमारा भविष्य, हमारी अगली पीढ़ी और दमन का सामना करेगी।’’ उधर, बंदरगाह के पास बीजिंग समर्थक प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाली। वहां पर बड़ा सा टीवी स्क्रीन लगाया गया है जिसमें पुलिस के साथ हालिया झड़पों की तस्वीरों को दिखाया गया। साठ वर्षीय सेवानिवृत इरेने मान ने लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं से सवाल किया। 

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी हरकतें मानवीय नहीं है, वे सभी दानव बन गए हैं। वे दंगाई हैं, उनके पास ना कोई उद्देश्य है ना कोई सोच है।’’ पुलिस ने शुरूआत में शनिवार की रैली को प्रतिबंधित किया लेकिन उसका मार्ग परिवर्तित होने पर थोड़ा नरम पड़ गई। रविवार की रैली के लिए प्रदर्शनकारियों को एक पार्क में एकत्रित होने के लिए अनुमति दी गई है लेकिन सड़कों पर मार्च करने पर रोक है।

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