काठमांडू: नेपाल की सरकार द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक, वर्तमान में देश के कुल 1,41,718 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का 44.74 प्रतिशत हिस्सा वनक्षेत्र है। 1997-1998 में यह 39.6 प्रतिशत था। नेपाल की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी, 'आरएसएस' के मुताबिक, वन अनुसंधान और सर्वेक्षण विभाग ने 2010 और 2014 के बीच अपना पांच वर्षीय सर्वेक्षण किया। इसमें पता चला कि देश के वनक्षेत्र में वृद्धि हुई है।
रपट से पता चलता है कि नेपाल का मध्य पर्वतीय पहाड़ी इलाका अन्य क्षेत्रों से ज्यादा हराभरा है, जबकि सबसे कम वन क्षेत्र (6.9 प्रतिशत) देश के दक्षिणी हिस्से में स्थित मैदानी क्षेत्र यानी तराई में है, जहां देश की आधी से ज्यादा आबादी रहती है। वन अनुसंधान विभाग के प्रवक्ता केशव राज गौतम ने कहा कि सुरक्षात्मक कार्यक्रम का क्रियान्वयन और लोगों का ग्रामीण इलाकों से शहरी इलाकों की ओर बड़े पैमाने पर पलायन वनों में तेजी से वृद्धि का प्रमुख कारण है। उदाहरण के तौर पर नेपाल सरकार ने देश में हरियाली बढ़ाने के लिए कुछ साल पहले 'एक घर एक वृक्ष, एक गांव एक वन, एक शहर कई पार्क' के थीम के साथ 2014-2023 को वन दशक बनाने की घोषणा की थी।
इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग सुदूर क्षेत्रों से शहरी इलाकों की ओर पलायन करते रहे हैं, जिसके कारण शहरी क्षेत्रों में इजाफा हुआ है। सरकार ने 2015 में 133 नए नगर निगमों की घोषणा की थी, जिसके बाद यह संख्या 191 हो गई है। विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि लेकिन वनों में आग की घटनाएं वन क्षेत्र की सुरक्षा और विस्तार के देश के प्रयास को चौपट कर देती हैं। मीडिया में जारी रपट के अनुसार, इस साल फरवरी से अब तक देशभर में जंगलों में आग लगने की 500 से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके कारण कुल 3,50,000 हेक्टेयर वनक्षेत्र जलकर खाक हो चुका है।
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