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भारत चाहे तो बहिष्कार करे लेकिन जम्मू-कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष को नहीं बुलाएंगे: पाकिस्तान

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा है कि वह यहां राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं करेगा और अगर भारत को बैठक का बहिष्कार करना है

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CPC में जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष को न्यौता नहीं देने पर अड़ा पाक

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा है कि वह यहां राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं करेगा और अगर भारत को बैठक का बहिष्कार करना है तो यह उसकी इच्छा है।

नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान अगले महीने शुरू होने वाली सीपीसी की बैठक में जम्मू-कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं करेगा। कश्मीर की विधानसभा वैध नहीं है इसलिए हम यह बात स्वीकार नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा,‘अगर भारत कश्मीर मुद्दे की वजह से सम्मेलन में शामिल नहीं होता तो यह उसकी इच्छा है। हम अपने रुख से नहीं हट सकते।’ पाकिस्तान ने सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारतीय संसद और राज्य विधानसभाओं के स्पीकरों को आमंत्रित किया है लेकिन जम्मू-कश्मीर के विधानसभा अध्यक्ष को आमंत्रित करने से इनकार कर दिया है।

भारत ने 30 सितंबर से आठ अक्तूबर तक इस्लामाबाद में आयोजित होने वाले सम्मेलन का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। डॉन न्यूज ने सादिक के हवाले से कहा कि जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान का रुख साफ है।

सादिक ने कहा कि कश्मीर का मामला संयुक्त राष्ट्र के एजेंडे में रहा है और 1947 से यह ‘अनसुलझा विवाद’ है।

प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के विशेष सलाहकार और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज ने पिछले हफ्ते कहा था कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर अपने रुख पर समझौता नहीं करेगा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष को नहीं बुलाएगा।

भारत ने सीपीए के अधिवेशन को इस्लामाबाद के बजाय दूसरी जगह करने की मांग की-

नई दिल्ली : भारत ने अपना रुख सख्त करते हुए राष्ट्रमंडल संसदीय संघ से उसके वार्षिक अधिवेशन का आयोजन स्थल इस्लामाबाद से बदलकर दूसरी जगह करने को कहा है। उसने कहा कि जम्मू-कश्मीर के स्पीकर को आमंत्रित नहीं करके पाकिस्तान बैठक की मेजबानी करने का अधिकार खो चुका है और ऐसा करना संघ के संविधान का उल्लंघन है।

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सीपीए अध्यक्ष को लिखे पत्र में मामले के तत्काल समाधान और जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष को निमंत्रण सुनिश्चित किये जाने का भी अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने पर भारत इस्लामाबाद में वार्षिक सम्मेलन का बहिष्कार करेगा।

शुक्रवार को सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों की बैठक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह तय हुआ था कि सीपीए की कार्यसमिति से पाकिस्तान के एकपक्षीय फैसले से बनी स्थिति के तत्काल समाधान के लिए कहा जाएगा और ऐसा नहीं होने पर बैठक का बहिष्कार किया जाएगा।

पत्र में कहा गया है कि सीपीए की जम्मू-कश्मीर शाखा की सीपीए में अच्छी वित्तीय स्थिति है और वह उसकी सदस्यता की सभी शर्तों को पूरा करती है।

भारत ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं करने के पाकिस्तान के फैसले के खिलाफ गत शुक्रवार को इस्लामाबाद में 30 सितंबर से आठ अक्तूबर तक आयोजित होने वाले सीपीए के सम्मेलन का बहिष्कार करने का फैसला किया था। भारत के अन्य सभी विधानसभा अध्यक्षों को सम्मेलन का निमंत्रण भेजा गया है।

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