नई दिल्ली: भारत ने तीन दक्षेस देशों - भूटान, बांग्लादेश व नेपाल- के साथ एक महत्वपूर्ण मोटर वाहन समझौता किया जिससे इन देशों में यात्री व माल वाहनों का निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा।
इसी तरह का एक समझौता भारत, म्यांमा व थाइलैंड के बीच भी होना है जिससे एशियाई क्षेत्र में व्यापक आर्थिक सहयोग की राह खुलेगी।
सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज भूटान की राजधानी थिंपू में यात्री, व्यक्तिगत व माल ढुलाई वाहनों के यातायात के नियमन के लिए बांग्लादेश, भूटान, भारत व नेपाल 'BBIN' मोटर वाहन समझौते 'MVA' पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर तीनों अन्य देशों के परिवहन मंत्री भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि, इसके अलावा भारत, म्यांमा व थाइलैंड ने भी इसी तर्ज पर एक मोटर वाहन समझौता करने पर सहमति जताई है।
बीबीआईएन एमवीए से जहां परिवहन लागत घटेगी वहीं मल्टी माडल परिवहन तथा पारगमन सुविधाओं का भी विकास होगा और चारों देशों के बीच संपर्क व व्यापार को बल मिलेगा।
इस समझौते के तहत चारों देश समझौते के कार्यान्वयन के लिए जुलाई से छह महीने के कार्ययोजना बनाएंगे।
गडकरी ने इस समझौते को शांति, स्थिरता व समृद्धि के लिए क्षेत्रीय एकीकरण की दिशा में राष्ट्रीय नेताओं की प्रतिबद्धताओं को दिखाने वाला पहला व छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम बताया है।
गडकरी ने कहा कि भारत इसी तरह का समझौता म्यांमा व थाइलैंड के साथ करने की दिशा में भी काम करेगा। उन्होंने कहा,‘ भारत, म्यांमा व थाइलैंड के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति बनी है। इन तीनों देशों ने दक्षेस मोटर वाहन समझौते के मसौदे की तर्ज पर ऐसा ही एमवीए खाका विकसित करने पर सहमति जताई है।’ उन्होंने कहा कि इस बारे में सचिव स्तर की बातचीत इसी महीने बेंगलुरू में हुई जिसमें समझौते के पाठ 'टेक्स्ट' पर सहमति बनी।