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पाकिस्तान: सरकार ने लोगों को 'संपूर्ण लॉकडाउन' लगाने की चेतावनी दी

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगे लॉकडाउन में भारी ढील पाकिस्तान में संघीय व प्रांतीय सरकारों के गले की फांस बन गई है। यह ढील कई शर्तो के साथ दी गई थी।

Pakistan: Government warns people to impose 'complete lockdown'- India TV Hindi Image Source : PTI (FILE) Pakistan: Government warns people to impose 'complete lockdown'

इस्लामाबाद | कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगे लॉकडाउन में भारी ढील पाकिस्तान में संघीय व प्रांतीय सरकारों के गले की फांस बन गई है। यह ढील कई शर्तो के साथ दी गई थी। इसके तहत बाजार खुले और जो हुजूम सड़कों पर आया, उसके बाद इन शर्तो का अस्तित्व ही जैसे समाप्त हो गया। इस अफरातफरी के बीच, संघ व प्रांत की सरकारों ने लॉकडाउन नियमों का पालन नहीं करने पर लोगों को संपूर्ण लॉकडाउन लगाने के लिए चेतावनी दी है। देश के हर प्रांत में शहरों में सड़कों पर उमड़े लोगों के हुजूम को सोशल डिस्टेंसिंग का जैसे पता ही नहीं है। दुकानदारों के लिए भी जो नियम बनाए गए थे, उनका कहीं पालन होता नहीं दिख रहा है।

इस स्थिति के बीच पाकिस्तान में बुधवार को कोरोना वायरस के एक दिन में रिकार्ड 2255 मामले दर्ज किए गए। स्वास्थ्य, समाज व राजनीति जगत से जुड़े लोगों ने कहा है कि खतरे की घंटी बज चुकी है।

गरीबों के कामकाज के नुकसान के नाम पर हमेशा लॉकडाउन की आलोचना करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में देश में लॉकडाउन में ढील के दौरान उड़ रही नियमों की धज्जियों पर विचार किया गया।

बैठक के बाद सूचना मंत्री शिबली फराज ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री ने बाजार व कार्यस्थलों को खोलने के लिए निर्धारित किए गए नियमों के सख्ती से पालन का निर्देश दिया है, क्योंकि अगर कोरोना के मामले बहुत बढ़े तो उन्हें संभालने की क्षमता देश के अस्पतालों में नहीं है।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन हटाने का फैसला इसलिए लेना पड़ा क्योंकि सरकार इससे (लॉकडाउन से) पैदा हालात से निपटने में अपनी पूरी क्षमता खर्च कर चुकी थी। कोई भी सरकार लोगों को घर बिठाकर खाना नहीं खिला सकती, खासकर पाकिस्तान की सरकार जिसके पास सीमित संसाधन हैं।

उधर, संघीय नियोजन व विकास मंत्री असद उमर ने एक कार्यक्रम में कहा कि अगर लोगों ने जिम्मेदारी का परिचय नहीं दिया तो सरकार के पास संपूर्ण लॉकडाउन को फिर से लगाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि बाजार में जो भीड़ है, उसे देखकर तो लग रहा है कि कोरोना वायरस मिट चुका है जबकि वायरस न सिर्फ मौजूद है बल्कि इसका खतरा और भी घातक हो सकता है।

उधर, सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने भी कहा कि लॉकडाउन हटने के बाद लोगों ने जिस गैरजिम्मेदाराना रवैये का परिचय दिया है, उसके बाद उनकी सरकार लॉकडाउन को फिर से लगाने पर सोच रही है।

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