कराँची: कुत्ते वफ़ादार माने जाते हैं, लेकिन सभी कुत्ते नहीं। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ रही तादाद और उनके द्वारा काटे जाने की संभावना के मद्देनजर से उनका मानना है, कि कुत्ते काटने के 90 प्रतिशत लोग रेबीज के शिकार हो सकते हैं। कराँची में कुछ महीनों पहले नगर निगम के अभियान से यह साबित होती है। वहाँ की सड़कों पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से दो-चार होते नागरिकों की समस्या को समाप्त करने के लिये नगर निगम ने इस अभियान की शरूआत की।
इस अभियान के तहत सड़कों पर आवारा कुत्तों को ज़हर देकर मार दिया गया। कुत्तों के काटने से अपने नागरिकों को बचाने के लिये लाहौर में भी इसी तरह का अभियान चलाया गया।
Latest World News