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पूर्व बलोच CM का लाहौर में बड़ा ऐलान, कहा- 'बलूचिस्तान अब पाकिस्तान का पड़ोसी बनेगा'

Akhtar Mengal Balochistan | बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री अख्तर मेंगल ने लाहौर में कहा कि बलूचिस्तान अब पाकिस्तान का हिस्सा नहीं रहेगा और आजादी की राह पर है। अख्तर मेंगल के बयान के बाद पाकिस्तान की सियासत में नए रंग देखने को मिल सकते हैं।

Balochistan independence demand, Akhtar Mengal statement- India TV Hindi
Image Source : X.COM/BIBERGWBALOCH बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री अख्तर मेंगल।

लाहौर: पाकिस्तान के सबसे बड़े सूबे बलूचिस्तान में अलगाव की मांग जोर पकड़ रही है। बलूचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री सरदार अख्तर मेंगल ने खुलकर कहा है कि अब बलूचिस्तान पाकिस्तान के साथ नहीं रह सकता। उन्होंने कहा, 'बलूचिस्तान अब पाकिस्तान का सूबा नहीं रहेगा, बल्कि उसका पड़ोसी बनने वाला है।' उन्होंने यह बयान लाहौर में प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता अस्मां जहांगीर की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया। इस कार्यक्रम में बलूचिस्तान के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों सरदार अख्तर मेंगल और अब्दुल मलिक बलोच को भी आमंत्रित किया गया था।

'बलूचिस्तान एक आजाद देश बनने की राह पर'

सरदार अख्तर मेंगल ने कहा कि पाकिस्तान ने बलोच लोगों पर जुल्म की हद पार कर दी है, इसलिए अब बलूचिस्तान एक आजाद देश बनने की राह पर है। उन्होंने 1971 का हवाला देते हुए कहा, 'जिस तरह पूर्वी पाकिस्तान अलग होकर बांग्लादेश बना, उसी तरह अब बलूचिस्तान भी पाकिस्तान को अलविदा कहने वाला है।' मेंगल ने बलूचिस्तान में चल रहे सैन्य अभियान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बलोच लोग पाकिस्तानी फौज और सरकार से नफरत करते हैं जबकि बलोच लिबरेशन आर्मी यानी कि BLA के सदस्यों को लोग सिर-आंखों पर बिठाते हैं। 31 जनवरी को बलूचिस्तान में हुई बड़ी बगावत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि BLA का समर्थन लगातार बढ़ रहा है, जो साफ दिखाता है कि बलूचिस्तान आजादी के रास्ते पर आगे बढ़ चुका है।

सनाउल्लाह का जवाब और बयान का विरोध

मेंगल के इन बयानों पर पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राना सनाउल्लाह ने तुरंत जवाब दिया। सनाउल्लाह ने कहा कि बलूचिस्तान में जो कुछ हो रहा है, वह आजादी की लड़ाई नहीं बल्कि दहशतगर्दी है। उन्होंने कहा, 'बलोच लिबरेशन आर्मी के लोग आम नागरिकों का खून बहा रहे हैं, पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले कर रहे हैं, इसलिए सैन्य अभियान चलाया जा रहा है। इसमें कुछ बेगुनाह लोग भी प्रभावित हो रहे हैं।' राना सनाउल्लाह की इस बात पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तीखा विरोध किया। लोगों ने उन्हें 'शट अप' कहते हुए उनकी स्पीच का बहिष्कार कर दिया। नतीजतन, सनाउल्लाह की बात अधूरी ही रह गई।

पाकिस्तान में खुद को दोहरा रहा है इतिहास

कार्यक्रम में अख्तर मेंगल के बयान ने पाकिस्तान की राजनीति में हलचल मचा दी है। याद रहे कि 1940 में लाहौर में ही पाकिस्तान बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था। आज उसी लाहौर में पाकिस्तान के बंटवारे की बात हो रही है। मेंगल की हिम्मत की तारीफ करते हुए कहा जा रहा है कि जब पाकिस्तान की फौज बलोच युवाओं का खून बहा रही है और सरकार अलगाववादियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, तब सरकार के प्रतिनिधियों के सामने खुलकर बलूचिस्तान की आजादी का एलान करना आसान नहीं था। यह घटना बलूचिस्तान में बढ़ते असंतोष और पाकिस्तान की एकता पर भी सवाल खड़े करती है। फिलहाल पाकिस्तान सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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