A
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, पीट-पीटकर और जहर खिलाकर ली गई जान, डरे हुए हैं अल्पसंख्यक

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, पीट-पीटकर और जहर खिलाकर ली गई जान, डरे हुए हैं अल्पसंख्यक

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हत्याओं के मामले रोज का रोज बढ़ रहे हैं। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक काफी डरे हुए हैं और लोगों में आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या

बांग्लादेश में एक और हिंदू समुदाय के युवक की हत्या कर दी गई। गुरुवार को सुनामगंज जिले में जॉय महापात्रो नाम के एक हिंदू लड़को को बुरी तरीके से पीटा गया। महापात्रो के परिवार के अनुसार, उन्हें एक स्थानीय व्यक्ति ने बुरी तरीके से पीटा और फिर जहर दे दिया। उसके परिवार और दोस्त इसे एक प्लान्ड मर्डर बता रहे हैं।

काफी डरी हुई है बांग्लादेश की हिंदू आबादी

हालत खराब होने पर महापात्रो को सिलहट एमएजी उस्मानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां महापात्रों की (ICU) में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू आबादी काफी डरी हुई है। 

नरसिंगदी शहर में हिंदू व्यक्ति की हुई थी हत्या

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यकों पर हमले काफी बढ़ गए हैं। कुछ दिनों पहले ही बांग्लादेश के नरसिंगदी शहर में एक 40 वर्षीय हिंदू व्यक्ति की अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से वार करके हत्या कर दी थी। इसके बाद से बांग्लादेश की हिंदू आबादी में भय का माहौल है।

पत्रकार राणा प्रताप को कट्टरपंथियों ने मारी गोली

5 जनवरी को जशोर के कोपलिया बाजार में हिंदू व्यापारी और पत्रकार राणा प्रताप की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पिछले महीने की 18 दिसंबर को मयमनसिंह में एक कपड़ा कारखाने में काम करने वाले दीपू चंद्र दास की ईशनिंदा के आरोपों पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। बाद में उनके शव को एक पेड़ से बांधकर जला दिया गया था।

खोकन चंद्र दास की चाकू मारकर की गई हत्या

31 दिसंबर 2025 को व्यापारी खोकन चंद्र दास को शरियतपुर में चाकू मारकर जला दिया गया था। तीन दिन बाद ढाका में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मानवाधिकार समूहों और अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों ने हिंदू लोगों की बार-बार हो रही हत्याओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गिरफ्तारी में देरी और स्थानीय अधिकारियों की कमजोर कार्रवाई अपराधियों को बढ़ावा दे रही है और कमजोर समुदायों में भय बढ़ा रही है।

Latest World News