पाकिस्तान की पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया गया कि, चीफ मार्शल आसिम मुनीर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया जाए। ईरान और अमेरिका के बीच अल्पकालिक युद्धविराम का श्रेय पाकिस्तान को दिया जा रहा है और इसकी खूब चर्चा हो रही है। गुरुवार को पीएमएल-एन के एक सांसद ने पाकिस्तान की पंजाब विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें सेना प्रमुख फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इशाक डार को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया।
पंजाब की विधानसभा में प्रस्ताव पेश
यह प्रस्ताव सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के मुख्य सचेतक राणा अरशद ने पेश किया और कहा कि ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के नेतृत्व ने "प्रभावी कूटनीति" का प्रदर्शन किया है। विधानसभा में दिए गए प्रस्ताव में आगे कहा गया कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक शांति को खतरा है।
पाकिस्तान ने खुद की पीठ थपथपाई
प्रस्ताव में कहा गया कि यह सदन प्रधानमंत्री शरीफ, फील्ड मार्शल मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार की "प्रभावी कूटनीति" की सराहना करता है, जिसने "क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त किया"। बता दें कि अमेरिका और ईरान बुधवार को दो सप्ताह के सशर्त युद्धविराम पर सहमत हो गए, जिससे 28 फरवरी को शुरू हुई शत्रुता पर विराम लग गया। पाकिस्तान शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच आमने-सामने की वार्ता की मेजबानी करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य नाजुक युद्धविराम को मजबूत करना और पश्चिम एशिया में आगे तनाव बढ़ने से रोकना है।
(इनपुट- पीटीआई)
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