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Bangladesh Elections: बांग्लादेश के चुनाव में आसान नहीं BNP की राह, समझें क्या है तारिक रहमान की स्थिति

बांग्लादेश की राजनीति नई दिशा में बढ़ रही है। देश में चुनाव होने वाले हैं और शेख हसीना की पार्टी पर बैन है। हसीना की गैरमौजूदगी में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नई ऊर्जा मिली है। BNP के मुखिया तारिक रहमान का सियासी भविष्य भी इसी चुनाव से तय होने वाला है।

बांग्लादेश नेशनलिस्ट...- India TV Hindi
Image Source : AP बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान (कोट पहने एक हाथ उठाए हुए)

Bangladesh Elections 2026: बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। चुनाव के लेकर सियासी दलों ने अपनी पूरी ताकत प्रचार में झोंक दी है। बांग्लादेश की राजनीति लंबे समय से 2 प्रमुख दलों अवामी लीग और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के इर्द गिर्द घूमती रही है। लेकिन, अब जब अवामी लीग पर बैन लगा दिया गया है तो चुनाव BNP के आसान ही कहा जा सकता है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान हैं। तारिक रहमान दिवंगत खालिदा जिया  के बेटे हैं। जिया को निधन के बाद तारिक के हाथ पार्टी की कमान है और चुनाव में उनकी परीक्षा होने वाली है। यह चुनाव तय करेगा कि रहमान का सियासी भविष्य कैसा होने वाला है।

बांग्लादेश में BNP की स्थिति

बांग्लादेश में आम चुनाव को लेकर विश्वसनीयता हमेशा से सबसे बड़ा सवाल रही है। इस बार भी अवामी लीग के ना होने से चुनाव पर सवाल तो उठ ही रहे हैं। ऐसे में अब बात अहम हो जाती है बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की। तो चलिए ऐसे में इसकी स्थिति जान लेते हैं। BNP की स्थापना जियाउर रहमान ने की थी। यह पार्टी कभी बांग्लादेश की सत्ता का प्रमुख स्तंभ रही लेकिन बीते एक दशक में पार्टी को गंभीर राजनीतिक दबावों, कानूनी मामलों और संगठनात्मक कमजोरियों का सामना करना पड़ा। पार्टी की शीर्ष नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की खराब स्वास्थ्य स्थिति और फिर उनके निधन की वजह से पार्टी के सामने नेतृत्व का संकट खड़ा हुआ है। अब नेतृत्व तारिक के हाथ में है तो चुनाव में इसका कितना लाभ होगा ये नतीजों से ही पता चलेगा।

तारिक रहमान के बारे में जानें

तारिक रहमान, पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं। वो लंबे समय से बीएनपी की रणनीतिक सोच के केंद्र में रहे हैं। पार्टी के भीतर उन्हें संगठनात्मक सुधार, युवा नेतृत्व को आगे लाने और जमीनी स्तर पर नेटवर्क मजबूत करने वाला नेता माना जाता है। हालांकि, उनका सियासी सफर विवादों से भी घिरा रहा है। भ्रष्टाचार के मामलों में सजा और उसके बाद देश से बाहर रहना उनके विरोधियों को सियासी लाभ देता रहा है।

Image Source : apबांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान (बस के अंदर)

तारिक को मिल रहा समर्थन

तारिक रहमान कई वर्षों तक बांग्लादेश से बाहर रहे हैं। तारिक पर भ्रष्टाचार समेत कई आरोप लगे हैं। आरोपों से इतर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का कहना है कि ये सभी मामले राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा हैं। पार्टी समर्थकों के अनुसार, उन्हें जानबूझकर राजनीति से बाहर करने के लिए कानूनी हथियार का इस्तेमाल किया गया। अब जबकि तारिक खुद चुनाव की कमान संभाल रहे हैं तो पूरी रणनीति उन्हीं के निर्देशन में तय हो रही है। इसका असर भी दिख रहा है क्योंकि रहमान की चुनावी सभाओं में युवकों की अच्छी खासी संख्या देखने को मिल रही है।

तारिक रहमान की चुनावी रणनीति

देखा जाए तो बांग्लादेश में होने वाले चुनाव में तारिक रहमान की बड़ी भमिका होने वाली है। चुनावी सभाओं में रहमान ने खुद को एक लोकतंत्र समर्थक नेता के रूप में पेश किया है। उन्होंने बार-बार कहा है कि बीएनपी का लक्ष्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली है। उनके भाषणों और बयानों में स्वतंत्र चुनाव आयोग, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानून के शासन पर जोर देखने को मिला है।

चुनाव पर सवाल और BNP का दांव

इस बीच देखने वाली बात यह भी है कि बांग्लादेश में होने वावे चुनावों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर है। कई पश्चिमी देश और मानवाधिकार संगठन निष्पक्ष चुनाव को लेकर आशंका जता चुके हैं। तारिक रहमान और उनकी पार्टी BNP ने इस अंतरराष्ट्रीय चिंता को अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश की है। लेकिन, अंतरिम सरकार ने बार-बार कहा है कि बांग्लादेश अपने संवैधानिक ढांचे के अनुसार चुनाव कराने में सक्षम है।

Image Source : apबांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की चुनावी रैली

BNP का भविष्य और नेतृत्व की चुनौती

BNP नेता तारिक रहमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट रखना और जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना है। तारिक रहमान को पार्टी के भीतर एकमात्र प्रभावी केंद्रीय नेता माना जाता है। तारिक BNP के लिए नई ऊर्जा का स्रोत बन सकता है लेकिन कट्टरपंथी देश का माहौल खराब कर सकते हैं।  तारिक की कानूनी परेशानियां भी उनके लिए मुसीबत बन सकती है।

तारिक रहमान और बांग्लादेश का सियासी भविष्य

गौरतलब है कि, बांग्लादेश के चुनाव और तारिक रहमान की स्थिति देश की लोकतांत्रिक राजनीति के भविष्य से जुड़ी हुई है। एक ओर जहां कट्टरपंथी देश पर हावी हो रहे हैं तो वहीं बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान लोकतंत्र की बात कह रहे हैं। तारिक ने हाल ही में कहा है कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो अर्थव्यवस्था-आधारित विदेश नीति अपनाएगी। रहमान ने बांग्लादेश फर्स्ट की बात कहते हुए यहां तक कहा है कि हम विदेशी संबंधों में आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी फायदे को प्राथमिकता देते हैं। इससे इतर बांग्लादेश में पिछले दिनों में क्या-क्या हुआ है, यह पूरी दुनिया ने देखा है।

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