बांग्लादेश में चुनाव से पहले रेफरेंडम को लेकर यूनुस की बड़ी अपील, बोले- 'हां के लिए वोट करें लोग'
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने आम चुनावों के साथ हो रहे जनमत संग्रह में 'हां' में वोट देने और उनके प्रस्तावित सुधार पैकेज का समर्थन करने की अपील की है।
ढाका: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने जनता से अपील की है कि वो 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों के साथ-साथ जनमत संग्रह में 'हां' वोट दें और उनके प्रस्तावित सुधार पैकेज का समर्थन करें। चुनाव नियमों के अनुसार, चुनाव प्रचार आधी रात 12 बजे (चुनाव से 48 घंटे पहले) समाप्त होने पर, उन्होंने वरिष्ठ सचिवों और उच्च अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, "यदि जनमत संग्रह में 'हां' वोट जीतता है, तो बांग्लादेश का भविष्य और अधिक सकारात्मक दिशा में बनेगा।"
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
यूनुस ने जोर दिया कि 'हां' वोट कुशासन को दूर रखेगा क्योंकि उनकी सरकार ने 84 सूत्रीय सुधार पैकेज के लिए जनसमर्थन जुटाने के वास्ते व्यापक अभियान भी चलाया था। कई कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जनमत संग्रह में केवल 'हां' या 'नहीं' का विकल्प होने के कारण अंतरिम सरकार को निष्पक्ष रहना चाहिए था, बजाय खुलकर पक्ष लेने के, क्योंकि इसमें भारी सार्वजनिक धन खर्च हो रहा है। कुछ विशेषज्ञों ने जनमत संग्रह की वैधता पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि बांग्लादेश के संविधान में ऐसे जनमत संग्रह का कोई प्रावधान नहीं है।
यूनुस ने पहले भी की थी 'हां' की अपील
यह जनमत संग्रह "जुलाई नेशनल चार्टर-2025" नाम के सुधार प्रस्तावों पर सहमति मांग रहा है, जिसकी घोषणा यूनुस ने 17 अक्टूबर 2025 को एक भव्य समारोह में की थी। यह राजनीतिक दलों और नेशनल कंसेंसस कमीशन (जिसके वो अध्यक्ष थे) के बीच लंबी चर्चा के बाद तैयार हुआ था। चार्टर की घोषणा के दौरान यूनुस ने इसे 'बर्बरता से सभ्य समाज' की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बताया था। पिछले महीने राष्ट्रव्यापी संबोधन में भी उन्होंने सुधार पैकेज के लिए 'हां' वोट की मांग की थी।
क्या है जनमत संग्रह का मकसद?
जनमत संग्रह के मतपत्र में चार्टर के 4 प्रमुख सुधार क्षेत्रों को कवर करने वाला एक ही प्रश्न है। मतदाताओं को निर्देश दिया गया है कि यदि वो प्रस्तावों से सहमत हैं तो 'हां' दें, और असहमत होने पर 'नहीं',आलोचकों का कहना है कि चार्टर में कई जटिल सुधार हैं, इसलिए यह जानकार मतदाताओं के लिए भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उनके अनुसार, जनमत संग्रह का मकसद अगली सरकार के लिए चार्टर को बाध्यकारी बनाना और यूनुस सरकार को वैधता प्रदान करना भी है।
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