'साथियों की लाशें छोड़कर भाग गए पाकिस्तानी सैनिक', BLF ने बताया खारान में कैसे बरसाया कहर
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट ने दावा किया है कि खारान शहर में 9 घंटे चली भीषण लड़ाई में उसके लड़ाकों ने 50 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया था। BLF ने पाकिस्तानी सेना के आधिकारिक दावों को खारिज करते हुए भारी नुकसान और शहर पर अस्थायी कब्जे की बात कही है।

बलूचिस्तान: बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट ने एक बयान में कहा है कि उसके लड़ाकों ने खारान शहर में हुई लड़ाई में दर्जनों पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। अपने बयान में BLF ने पाकिस्तानी अधिकारियों और सेना की पहले दी गई कहानी को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सैनिक अपने साथियों की लाशें छोड़कर भाग खड़े हुए। द बालूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, BLF ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने 15 जनवरी को दोपहर करीब 2:30 बजे खारान में पूरी प्लानिंग के साथ एक बड़ा हमला किया। BLF ने कहा कि उसके लड़ाकों ने पुलिस स्टेशन सहित पूरे शहर पर कब्जा कर लिया और बैंकों तथा सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाया।
'लड़ाई में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान'
BLF के मुताबिक, इस लड़ाई में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है। उसने अपने मीडिया बयान में कहा कि लगभग 9 घंटे तक चली इस लड़ाई में 50 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दर्जनों घायल हुए। बयान में कहा गया है कि घायलों में विंग कमांडर कर्नल वाधन और मेजर असीम भी शामिल हैं। BLF के मुताबिक, उसके लड़ाकों ने सबसे पहले खारान सिटी पुलिस स्टेशन पर हमला किया और उसे अपने कब्जे में ले लिया। उन्होंने वहां के कर्मचारियों को हिरासत में लिया, सरकारी हथियार और सामान जब्त किया, कैदियों को रिहा किया और इमारत, सरकारी रिकॉर्ड तथा पुलिस की गाड़ियों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया।
'मारे गए सैनिकों से हथियार भी जब्त किए गए'
बयान में कहा गया कि एक दूसरी यूनिट ने खारान के मुख्य बाजार में घुसकर नेशनल बैंक, मीजन बैंक, अल हबीब बैंक और अन्य सरकारी संस्थानों को निशाना बनाया। BLF ने दावा किया कि हमले के दौरान एक बैंक के सुरक्षा गार्ड ने विरोध किया और मारा गया। उसने आगे बताया कि उसकी एक सब-यूनिट, कुरबान यूनिट ने रेड जोन में एक चेक-पॉइंट बनाया और 3 गाड़ियों वाले एक सैन्य काफिले पर घात लगाकर हमला किया। इसमें 15 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और तीनों गाड़ियां बर्बाद हो गई। बयान में कहा गया, 'मारे गए सैनिकों से हथियार भी जब्त किए गए। रेड जोन में आगे की लड़ाई करीब 3 घंटे तक चली, जिसमें सेना ने बख्तरबंद वाहनों और पैदल सैनिकों से लड़ाकों को घेरने की कोशिश की।'
'साथियों की लाशें छोड़कर भाग गए सैनिक'
BLF ने दावा किया कि इस दौरान 27 और सैनिक मारे गए, 2 बख्तरबंद वाहन नष्ट हो गए और बाकी सेना अपने साथियों की लाशें छोड़कर भाग खड़ी हुई। बयान में आगे कहा गया, 'शाम करीब 7 बजे कुलान इलाके में एक अन्य सैन्य काफिले पर हमला किया गया, जिसमें SSG कमांडो बटालियन शामिल थी। लड़ाई रात 1 बजे तक चली। इसमें 3 और सैन्य वाहन नष्ट हो गए और दर्जनों सैनिक मारे गए, जिनमें 8 SSG कमांडो शामिल हैं। लड़ाई के दौरान 8 क्वाडकॉप्टर ड्रोन भी मार गिराए गए।' BLF ने अपनी तरफ के नुकसान को भी स्वीकार किया और कहा कि इस ऑपरेशन में उसके 4 लड़ाके मारे गए और पहाड़ी इलाकों में वापस जाते समय ड्रोन हमलों में और नुकसान हुआ।
ISPR के बयान को पूरी तरह किया खारिज
BLF ने एक बयान में कहा, '4 में से 3 शवों को निकाला गया और दफनाया गया।' यह बयान पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस यानी कि ISPR के पहले जारी किए गए बयान को पूरी तरह खारिज कर देता है। ISPR ने कहा था कि हमले में करीब 15 से 20 हमलावर शामिल थे, जिनमें से ऑपरेशन के दौरान 12 हमलावर मारे गए और पाकिस्तानी सेनाओं ने हमलावरों को सफलतापूर्वक खदेड़ दिया। बता दें कि दोनों ही पक्षों के दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।