चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने PLA के 2 टॉप जनरलों पर लिया बड़ा ऐक्शन, पहले भी कइयों को दे चुके हैं खौफनाक सजा
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत पीएलए के 2 टॉप जनरलों को जांच के दायरे में लाया गया है। इससे पहले कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को कठोर सजा मिल चुकी है।

बीजिंग: राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएलए के 2 टॉप जनरलों पर फिर बड़ा एक्शन लिया है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि सबसे उच्च-रैंकिंग वाले पीएलए अधिकारी जनरल झांग यौशिया समेत दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के अनुशासन और कानूनों के गंभीर उल्लंघन के लिए जांच के दायरे में लिया गया है। जनरल झांग सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के पहले रैंक वाले उपाध्यक्ष हैं, जो राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली चीनी सेना की सर्वोच्च कमान है। CMC में उनकी स्थिति उन्हें चीनी सेना में सबसे उच्च-रैंकिंग वर्दीधारी अधिकारी बनाती है।
जिनपिंग के निर्देश पर एक्शन
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इससे पहले भी पूर्व रक्षामंत्री समेत कई बड़े सैन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त एक्शन ले चुके हैं। अब जांच के दायरे में आने वाले 2 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों में दूसरा नाम जनरल लियू झेनली का है। वह CMC के सदस्य हैं और जॉइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्यरत हैं। रक्षा मंत्रालय ने एक संक्षिप्त प्रेस रिलीज में कहा, “सीपीसी सेंट्रल कमिटी की विचार-विमर्श के बाद, झांग यौशिया और लियू झेनली के खिलाफ जांच शुरू करने का फैसला किया है। खासकर झांग के खिलाफ यह जांच, जो सबसे उच्च-रैंकिंग सैन्य अधिकारी हैं, ने चीनी सैन्य प्रतिष्ठान में झटका पहुंचाया है।
कई टॉप सैन्य अधिकारियों को पहले भी किया जा चुका निष्कासित
जिनपिंग के निर्देश पर पहले भी कई टॉप सैन्य अधिकारियों को सेना से निष्कासित किया जा चुका है। फिलहाल आरोपी बनाए गए झांग 24 सदस्यीय पोलित ब्यूरो के सदस्य भी हैं, जो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) की सत्ता का केंद्र है। शी जिनपिंग द्वारा 2012 में सत्ता संभालने के बाद तेजी से बढ़ते भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के तहत दर्जनों वरिष्ठ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) अधिकारियों को बर्खास्त या दंडित किया जा चुका है। राष्ट्रपति के रूप में 72 वर्षीय शी अभूतपूर्व तीसरे पांच-वर्षीय कार्यकाल में हैं। उन्होंने 2012 में सत्ता संभालते ही “बाघों और मक्खियों” (बड़े और छोटे अधिकारियों) के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान शुरू किया था। इसमें दो पूर्व रक्षा मंत्री और दर्जनों वरिष्ठ PLA अधिकारी शामिल हैं। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में CMC के दूसरे रैंक वाले अधिकारी हे वीडोंग को पार्टी और सशस्त्र बलों से निष्कासित कर दिया गया था। वहीं चीनी संसद ने पिछले महीने CMC की पॉलिटिकल एंड लीगल अफेयर्स कमिटी के प्रमुख वांग रेनहुआ, पीपुल्स आर्म्ड पुलिस (PAP) के पॉलिटिकल कमिसार झांग होंगबिंग और CMC के ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के निदेशक वांग पेंग को निष्कासित किया।
सेना में भ्रष्टाचार के खिलाफ जिनपिंग का अभियान
शी जिनपिंग पार्टी के संस्थापक माओ त्से-तुंग के बाद एकमात्र चीनी नेता हैं जो दो से अधिक कार्यकाल तक सत्ता में बने रहे। राज्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के तहत एक मिलियन से अधिक अधिकारियों को दंडित किया जा चुका है, जिसमें दर्जनों उच्च-स्तरीय सैन्य अधिकारी शामिल हैं। आलोचकों का कहना है कि अभियान की तीव्रता और निरंतरता ने शी को पार्टी और सेना में अपनी सत्ता मजबूत करने में मदद की है। पिछले साल अक्टूबर में एक आंतरिक भाषण में शी ने जोर दिया कि भ्रष्टाचार पार्टी के सामने “सबसे बड़ा खतरा” है और कहा कि ये मामले एक और याद दिलाते हैं कि लड़ाई अभी भी “गंभीर और जटिल” बनी हुई है। शी जिनपिंग के PLA में चल रहे बड़े पैमाने पर पर्ज का हिस्सा लगती है, जो भ्रष्टाचार, निष्ठा और नियंत्रण को लेकर है।