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Earthquake in Nepal: नेपाल में भूकंप के झटके, इतनी तीव्रता का आया कंपन

Earthquake in Nepal: नेपाल के नागरकोट से 21 किमी उत्तर पूर्व में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया है। हालांकि इससे अभी तक हुए जानमाल के नुकसान की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

Earthquake in Nepal- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO Earthquake in Nepal

Earthquake in Nepal: नेपाल में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार नेपाल के नागरकोट से 21 किमी उत्तर पूर्व में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया है। हालांकि इससे अभी तक हुए जानमाल के नुकसान की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। नेपाल भूकंप के डेंजर जोन में रहा है। यहां पहले भी कई बार भूकंप आ चुके हैं। इससे पहले पिछले माह नेपाल में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। पिछले माह आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 थी। भूकंप का यह केंद्र राजधानी काठमांडु से 161 किलोमीटर दूर था। हालांकि गनीमत रही कि इस दौरान कोई जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली। 

सितंबर 2020 में भी आए थे भूकंप के तगड़े झटके

इससे पहले सितंबर 2020 में भी नेपाल में भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6 थी। राजधानी काठमांडु से सटे सिंधुपाल चौक जिले में यह भूकंप आया था। इस भूकंप से किसी तरह का नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन नेपाल के कई जिलों में और यहां तक कि भारत में बिहार के सीमावर्ती जिलों मंें भी भूकंप का कंपन महसूस किया गया था। 

2015 में इसी इलाके में आया था भूकंप

नेपाल भूकंप की बड़ी त्रासदी झेल चुका है। यहां वर्ष 2015 में बड़ा खतरनाक भूकंप आया था। नेपाल मे 25 अप्रैल 2015 की सुबह 11 बजकर 56 मिनट पर भूकंप का जोरदार झटका महसूस किया गया था। भूकंप की तीव्रता 7.8 थी। यह बड़ा विनाशकारी भूकंप था, क्योंकि इसकी तीव्रता बहुत ज्यादा थी। भूकंप इतना भीषण था कि भारत के कई राज्यों में तेज भूंकप के झटके महसूस किए गए थे। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और सिद्धार्थनगर जिलों के कुछ मकान भी दरक गए थे। 9000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। 80 लाख से ज्यादा लोग इस भूकंप से प्रभावित हुए थे। संयुक्त राष्ट्र समेत दुनियाभर के कई देशों ने गंभीर मानवीय मदद भेजी थी।

भूकंप से सिहर उठी थी दुनिया

हर तरफ लाशें, क्षत.विक्षत शरीर देखकर दुनिया सिहर उठी थी। हालात ऐसे बन गए थे कि शवों को उठाने के लिए बॉडी बैग्स जरूरत पड़ गई थी। भूंकप ने भारत के भी लोग मारे गए थे। भारत के करीब 76 से ज्यादा लोग मारे गए थे। भूकंप का असर नेपाल के 39 जिलों में सबसे ज्यादा था। 11 जिलों के 20 लाख लोग बुरी तरह से इस भूकंप से प्रभावित हो गए थे। भूकंप के बाद भारत ने तत्काल मानवीय मदद भेजी थी। इस भूकंप का केंद्र लामगुंज से करीब 38 किलोमीटर दूर था। गोरखा जिले का बारपक गांव इस भूकंप के केंद्र में था।

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