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फलस्तीनियों को बाहर निकाले बिना होगा गाजा का विकास, जानें क्या है मिस्र की योजना

मिस्र युद्ध में तबाह हो चुके गाजा को फिर से बसाने की योजना पर काम कर रहा है। मिस्र की योजना की खास बात यह है कि इसमें फलस्तीनियों को गाजा पट्टी से बाहर नहीं निकाला जाएगा। गाजा पुनर्निर्माण को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना है।

युद्ध में तबाह हो चुका गाजा- India TV Hindi
Image Source : AP युद्ध में तबाह हो चुका गाजा

काहिरा: गाजा से लोगों को हटाकर उसके विकास संबंधी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव के उलट मिस्र गाजा पट्टी से फलस्तीनियों को बाहर निकाले बिना गाजा के पुनर्निर्माण की योजना बना रहा है। मिस्र के सरकारी अखबार ‘अल-अहरम’ ने कहा कि प्रस्ताव में गाजा के भीतर ‘सुरक्षित क्षेत्र’ स्थापित करने की बात कही गई है जहां फलस्तीनी शुरुआत में रह सकते हैं, जबकि मिस्र और अंतरराष्ट्रीय निर्माण कंपनियां गाजा पट्टी से मलबे और अन्य ढांचों को हटाएंगी और फिर वहां निर्माण करेंगी। 

धन जुटाने के तरीकों पर हो रही है चर्चा

मिस्र के दो अधिकारियों और अरब एवं पश्चिमी राजनयिकों के अनुसार, मिस्र के अधिकारी यूरोपीय देशों के राजनयिकों के साथ-साथ सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ भी इस योजना पर चर्चा कर रहे हैं। मिस्र के एक अधिकारी और एक अरब राजनयिक ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर कहा कि वो पुनर्निर्माण के लिए धन जुटाने के तरीकों पर भी चर्चा कर रहे हैं। उनकी गाजा पुनर्निर्माण पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना है। 

Image Source : apयुद्ध में तबाह हो चुका गाजा

मिस्र के अखबार ने क्या कहा?

मिस्र के ‘अल-अहरम’ अखबार ने कहा कि पुनर्निर्माण का यह प्रस्ताव ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तर्क का खंडन’’ करने और ‘‘गाजा पट्टी की भौगोलिक एवं जनसांख्यिकीय संरचना को बदलने के उद्देश्य वाले किसी भी अन्य दृष्टिकोण या योजना का मुकाबला करने’’ के लिए बनाया गया है। 

ट्रंप ने क्या कहा था?

यह प्रस्ताव अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा से लगभग 20 लाख लोगों को हटाने के आह्वान के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए इसके विरोध के बाद आया है। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका गाजा पट्टी पर कब्जा करेगा और इसे ‘रिवेरा ऑफ मिडल ईस्ट’  रूप में फिर से बसाएगा लेकिन फलस्तीनियों को वापस आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, फलस्तीनियों ने कहा है कि वो अपनी मातृभूमि नहीं छोड़ेंगे जबकि मिस्र और जॉर्डन ने गाजा की आबादी को अपने यहां बसाने के ट्रंप के आह्वान को अस्वीकार कर दिया है। 

Image Source : apयुद्ध में तबाह हो चुका गाजा

यह भी जानें

मानवाधिकार समूहों ने कहा है कि यह योजना जबरन निष्कासन के समान है, जो एक संभावित युद्ध अपराध है। यूरोपीय देशों ने भी ट्रंप की योजना की बड़े पैमाने पर निंदा की है। हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस विचार की प्रशंसा की और कहा है कि इजरायल इसे लागू करने की तैयारी कर रहा है। क्षेत्र के दौरे के सिलसिले में सोमवार को सऊदी अरब में मौजूद अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका वैकल्पिक प्रस्तावों पर विचार करने के लिए तैयार है। (एपी)

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