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UAE में हैं तो ना करें ये गलतियां, जानें क्यों 19 भारतीयों को किया गया है गिरफ्तार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात में 19 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। चलिए जानते हैं कि जंग के इस माहौल में भारतीयों को क्यों गिरफ्तार किया गया है और उन्होंने किया क्या था।

Passengers At Dubai International Airport- India TV Hindi
Image Source : AP Passengers At Dubai International Airport

Indians Arrested In United Arab Emirates: अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया है। ईरान ने इस अटैक के जवाब में खाड़ी देशों  संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। जंग के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हाल ही में 19 भारतीय नागरिकों समेत कुल 35 लोगों की गिरफ्तारी का मामला सुर्खियों में है। यह कार्रवाई क्षेत्रीय तनाव और इजरायल-अमेरिका-ईरान जंग के बीच सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक और फर्जी जानकारी से जुड़ी है। 

कब, किसने और क्यों दिया गिरफ्तारी का आदेश?

संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल डॉ हमाद सैफ अल शम्सी ने 15 मार्च 2026 को गिरफ्तारी के आदेश जारी किए, जिसमें आरोपियों पर साइबर क्राइम कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। UAE अथॉरिटीज के अनुसार, ये लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे वीडियो क्लिप्स पोस्ट कर रहे थे जो भ्रामक, मनगढ़ंत और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए गए थे। 

पोस्ट किए गए फेक कंटेंट

जिस तरह के कंटेंट सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे थे उनमें ईरानी हमलों, मिसाइलों के गुजरने, विस्फोटों या जंग से जुड़ी अन्य घटनाओं को दिखाया गया था। ये कंटेंट असल में वास्तविक नहीं थे। ये एडिटेड या फिर यूं कहें कि फेब्रिकेटेड थे। इनका मकसद जनता में दहशत फैलाना, अफवाहें फैलाना और क्षेत्रीय स्थिरता को भंग करना बताया जा रहा है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स रखी गई निगरानी

अमीरात न्यूज एजेंसी के मुताबिक, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्त निगरानी के बाद इस तरह की कार्रवाई हुई है। आरोपियों को 3 अलग-अलग ग्रुप्स में बांटा गया है। पहले ग्रुप में असली क्लिप्स शेयर करने वाले शामिल थे, जबकि दूसरे और तीसरे में AI से बने फर्जी वीडियोज या हमलों को ग्लोरिफाई करने वाले कंटेंट थे। कुल 35 में से 19 भारतीय हैं। इन पर फास्ट-ट्रैक ट्रायल होगा, जिसमें जेल और भारी जुर्माना लग सकता है।

Image Source : apDubai

UAE में सख्त है कनून

संयुक्त अरब अमीरात में साइबर क्राइम कानून बेहद सख्त हैं। देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और स्थिरता को खतरे में डालने वाली कोई भी ऑनलाइन सामग्री साझा करना अपराध है। खासकर ऐसे समय पर जब ईरान की ओर से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा रहे हैं। हमले से जुड़ा कोई भी कंटेंट जो वेरिफाइट नहीं है उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा करना मुसीबत का कारण बन सकता है।

UAE सरकार ने जारी की है चेतावनी

इस बीच यहां यह भी बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात की सरकार ने भी सख्त चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि किसी भी तरह का अनवेरिफाइड कंटेंट शेयर ना करें, क्योंकि इससे पैनिक फैल सकता है। इस तरह से देश की इमेज खराब हो सकती है। 

UAE में रहने वाले भारतीयों के लिए सलाह, इस तरह की गलतियों से बचें

  • अनवेरिफाइड वीडियो/खबरें शेयर ना करें, चाहे वो जंग, हमले या किसी भी घटना से जुड़ी हो। 
  • हमेशा आधिकारिक सोर्स (WAM, UAE सरकार की वेबसाइट्स, प्रमुख न्यूज चैनल) से वेरिफाई करें।
  • AI-जनरेटेड या एडिटेड कंटेंट से दूर रहें।
  • फेक वीडियो आसानी से बनाए जा सकते हैं। इन्हें शेयर करने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि इनमें कितनी सच्चाई है।
  • राजनीतिक/सैन्य मुद्दों पर सोच समझकर राय दें। हेट स्पीच या अफवाहें ना फैलाएं। किसी शत्रु देश की तारीफ करना महंगा पड़ सका है।

भारतीय दूतावास ने भी जारी की है चेतावनी

मध्य पूर्व में जंग के हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास की ओर से भी चेतावनी जारी की गई है। इसमें कहा गया है ऐसी किसी भी गतिविधियों से बचें। संयुक्त अरब अमीरात में लाखों भारतीय काम करते हैं। जंग के इस दौर में किसी भी तरह की भ्रामक सामग्री को सोशल मीडिया में पोस्ट करने से पहले जांच-पड़ताल जरूरी है। 

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