बीजिंग में मिले भारत और चीन के बड़े अधिकारी, बैठक के बाद सामने आया पूरा एजेंडा
बीजिंग में भारत और चीन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक कर द्विपक्षीय संबंधों में हाल की सकारात्मक प्रगति की पुष्टि की। दोनों पक्षों ने मोदी–शी मुलाकात में बने समझौतों को लागू करने पर जोर दिया और भविष्य के आदान-प्रदान, व्यापार मुद्दों व क्षेत्रीय मामलों पर चर्चा की।
बीजिंग: भारत और चीन के विदेश मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बीजिंग में एक बहुत महत्वपूर्ण बैठक की है। इस बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक प्रगति की पुष्टि की। यह बैठक अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद हुई है। भारत के विदेश मंत्रालय के पूर्वी एशिया डिवीजन के संयुक्त सचिव सुजीत घोष और चीन के विदेश मंत्रालय के एशियाई मामलों के विभाग के महानिदेशक लियू जिंसॉन्ग ने गुरुवार के बीच यह मुलाकात हुई। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।
'रणनीतिक मार्गदर्शन के महत्व पर जोर'
दोनों पक्षों ने चीन-भारत संबंधों में हाल की सकारात्मक प्रगति की सराहना की। उन्होंने मोदी और शी जिनपिंग की अगस्त में तियानजिन में हुई बैठक के दौरान हासिल किए गए महत्वपूर्ण साझा समझौतों को पूरी तरह लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। भारत के विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में इन चर्चाओं को 'रचनात्मक और भविष्य की ओर देखने वाली' बताया गया है। दोनों पक्षों ने दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और पुनर्निर्माण में हुई प्रगति का सकारात्मक मूल्यांकन किया। साथ ही, लोगों पर केंद्रित आदान-प्रदान को प्राथमिकता दी।
'मोदी-शी की मुलाकात सफल रही'
बैठक में दोनों पक्षों ने आने वाले साल के लिए योजनाबद्ध आदान-प्रदान और गतिविधियों का जायजा लिया। भारतीय पक्ष ने निर्यात नियंत्रण से जुड़े बाकी मुद्दों के जल्द समाधान पर जोर दिया। साथ ही, दोनों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी थोड़ी चर्चा की। इसके बाद, सुजीत घोष ने चीन के उपविदेश मंत्री सन वेईडोंग से मुलाकात की। इस मुलाकात में सन वेईडोंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की SCO शिखर सम्मेलन के दौरान तियानजिन में हुई मुलाकात सफल रही। इसने चीन-भारत संबंधों को नए स्तर पर ले जाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष अपने नेताओं के बीच हासिल महत्वपूर्ण साझा समझौतों को प्रभावी ढंग से लागू करेंगे।
'भारत-चीन संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं'
वेईडोंग ने यह भी उम्मीद जताई की दोनों देश व्यापक दृष्टिकोण अपनाएंगे, आपसी विश्वास बनाएंगे, ठोस प्रयास करेंगे, सहयोग को आगे बढ़ाएंगे, एक-दूसरे का सम्मान करेंगे, मतभेदों को ठीक से संभालेंगे और चीन-भारत संबंधों के निरंतर विकास को बढ़ावा देंगे। चीन की विज्ञप्ति के अनुसार, घोष ने कहा कि भारत-चीन संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं। भारत चीन के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। उन्होंने कहा, 'दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के तहत, संस्थागत संवाद को फिर से शुरू किया जाए, आदान-प्रदान और सहयोग को मजबूत किया जाए और भारत-चीन संबंधों के विकास की गति को मजबूत किया जाएं।' सुजीत घोष ने चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एशियाई मामलों के महानिदेशक से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय व्यापार एवं वाणिज्यिक मुद्दों पर चर्चा की।
