तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान पर शनिवार को हुए ताजा हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाब देना शुरू कर दिया है। इस बीच ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर हमला किया है। यह हमला उनके सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद किया गया, जिन्हें अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में मारा गया था। हालांकि अमेरिका ने बयान जारी कर ईरान के दावे को झूठा बताया है।
'US युद्धपोत लिंकन पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं'
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने स्थानीय मीडिया में दिए बयान में कहा, 'अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।' उसने चेतावनी भी दी कि 'जमीन और समुद्र अब आतंकवादी हमलावरों (अमेरिका और इजरायल) की कब्रगाह बनते जा रहे हैं।' बता दें कि यह युद्धपोत जनवरी के अंत से अरेबियन सागर में काम कर रहा है। हालांकि अमेरिका ने ईरान के इस दावे को पूरी तरह झूठ बता दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे खारिज करते हुए कहा कि मिसाइलें युद्धपोत के पास भी नहीं पहुंचीं।
'दागी गईं मिसाइलें युद्धपोत के आसपास भी नहीं आ पाईं'
CENTCOM ने X पर पोस्ट में लिखा, 'दागी गईं मिसाइलें युद्धपोत के आसपास भी नहीं आ पाईं। अब्राहम लिंकन अभी भी काम कर रहा है और CENTCOM के अभियान में विमान उड़ाकर अमेरिकी लोगों की रक्षा कर रहा है। हम ईरानी सरकार से आने वाले खतरों को खत्म करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।' इसके अलावा, CENTCOM ने एक और पोस्ट में बताया कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की शुरुआत में उनके बलों ने ईरान के एक जमारान-क्लास कोर्वेट जहाज पर हमला किया। उसने कहा, 'यह जहाज अब ओमान की खाड़ी में चाबहार बंदरगाह के पास डूब रहा है। जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा है, ईरान की सेना, रिवॉल्यूशनरी गार्ड और पुलिस के सदस्यों को अपने हथियार डाल देने चाहिए।'
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