दुबई: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को ईरान ने झूठा करार दे दिया है, जिसमें उन्होंने तेहरान में अमेरिका के डर से 800 से अधिक लोगों की फांसी रोके जाने का दावा किया था। ईरान के शीर्ष अभियोजक ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया कि उनकs हस्तक्षेप के कारण देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में गिरफ्तार 800 लोगों की फांसी रुक गई। उन्होंने ट्रंप के इन बयानों को “पूरी तरह से झूठा” करार दिया।
ईरान ने कहा-न्यायपालिका ने नहीं किया ऐसा कोई फैसला
ईरान ने ट्रंप के दावे पर कहा कि उसकी न्यायपालिका ने ऐसा कोई फैसला नहीं किया है। ईरानी न्यायपालिका की समाचार एजेंसी मिज़ान ने मोहम्मद मुवाहेदी के हवाले से यह बात कही। ऐसे में यह घटना फिर से यह सवाल खड़ा करती है कि क्या देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के कारण सामूहिक फांसी की कार्रवाई होगी। अधिकारियों ने पहले ही कहा है कि कुछ गिरफ्तार लोगों पर मौत की सजा के आरोप हैं। मुवाहेदी ने मिज़ान के अनुसार कहा, “यह दावा पूरी तरह से झूठा है; ऐसी कोई संख्या मौजूद नहीं है, न ही न्यायपालिका ने ऐसा कोई फैसला किया है।” ट्रंप ने कहा है कि सामूहिक फांसी और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या दोनों ही अमेरिका द्वारा ईरान पर संभावित सैन्य हमले की लाल रेखाएं हैं।
ट्रंप ने कहा अमेरिकी आर्मडा मध्य-पूर्व की ओर बढ़ रहा
ईरान में कई हफ्ते से जारी देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में 5,000 से अधिक मौतों का दावा किया जा रहा है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक बयान से ईरान के साथ तनाव को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी विमानवाहक पोत समूह मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इस विमानवाहक समूह को “आर्मडा” की संज्ञा दी। विश्लेषकों का कहना है कि सैन्य जमावड़ा ट्रंप को हमले करने का विकल्प दे सकता है, हालांकि अब तक उन्होंने तेहरान को बार-बार चेतावनी देने के बावजूद ऐसा नहीं किया है। इस बीच, ईरान के शीर्ष अभियोजक ने ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया कि उनके हस्तक्षेप से प्रदर्शनों में गिरफ्तार 800 कैदियों की फांसी रुक गई।
Latest World News