Iran US War: ईरान ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की संभावित वार्ता को लेकर बड़ा बयान दिया है। राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियन का कहना है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान संवाद और समझौते का स्वागत करता है और आगे भी करता रहेगा। मगर प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन, नाकाबंदी और धमकियां वास्तविक वार्ता की मुख्य बाधाएं हैं। दुनिया आपके इस अंतहीन पाखंडपूर्ण बयानबाजी और दावों व कार्रवाइयों के बीच के विरोधाभास को देख रही है।
ईरान के राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते मंगलवार को सीजफायर की समय-सीमा को अनिश्चितकालीन समय के लिए बढ़ा दिया है। अमेरिका ईरान से वार्ता के लिए बेताब है, लेकिन ईरान अपनी शर्तों पर अडिग है। ईरान का कहना है कि अमेरिका जब तक ईरानी बंदरगाहों से ब्लॉकेड नहीं हटाता, तब तक उसके साथ कोई भी वार्ता नहीं हो सकती। साथ ही तेहरान ने यह भी साफ कर दिया है कि धमकियों के साये में कोई बातचीत नहीं हो सकती। ईरान का यह कथन ट्रंप की उन धमकियों के संबंध में है, जिसमें उन्होंने हाल ही में कहा था कि अगर ईरान समझौते के नए प्रस्तावों को भी नहीं मानता तो उनके साथ इतना बुरा होगा, जिसे पहले कभी देखा नहीं गया होगा। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट और ब्रिज को दोबारा उड़ाने की धमकी भी दी है।
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