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Hindi News विदेश एशिया ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी पर हमले का दावा, इजरायल ने कहा- 'मौत हुई या नहीं यह साफ नहीं'

ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी पर हमले का दावा, इजरायल ने कहा- 'मौत हुई या नहीं यह साफ नहीं'

इजरायल की मीडिया में इस तरह के दावे किए जा रहे हैं कि सेना ने सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी को निशाना बनाया है।

Iran Top Official Ali Larijani- India TV Hindi Image Source : AP Iran Top Official Ali Larijani

Israel Targets Iran Top Official Ali Larijani: इजराइली अधिकारियों के अनुसार सेना की ओर से ईरान में किए गए हवाई हमले में ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी को निशाना बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव लारीजानी इस हमले में मारे गए या घायल हुए। इजरायली रक्षा सूत्रों के अनुसार, ईरान में इजरायल के एक और हालिया हवाई हमले में फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के नेता अकरम अल-अजूरी और इस आतंकवादी समूह के अन्य शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाया गया है।

इजरायली सैन्य अधिकारी ने क्या कहा?

द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इजरायली रक्षा बल के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने पुष्टि की है "रात भर दुश्मन को खत्म करने में महत्वपूर्ण सफलताएं मिलीं हैं, जिनका अभियान की उपलब्धियों और IDF के मिशनों पर असर पड़ सकता है।" यह स्पष्ट रूप से लारीजानी को निशाना बनाने वाले हमले का ही जिक्र था।

लारीजानी ले रहे थे फैसले

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद माना जा रहा है कि सभी बड़े फैसले लारीजानी ही ले रहे थे। लारीजानी को अयातुल्ला अली खामेनेई का करीबी माना जाता था। जून 2025 में लारीजानी को खामेनेई ने सर्वोच्च सुरक्षा परिषद का सचिव नियुक्त किया था।

लारीजानी का आखिरी पोस्ट

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने सोमवार, 16 मार्च 2026 को अपना आखिरी पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने दुनिया भर के मुसलमानों और इस्लामिक देशों की सरकारों को संबोधित करते हुए एक विस्तृत संदेश जारी किया था। इस संदेश में लारीजानी ने दावा किया कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा धोखे से हमला किया गया, जिसका मकसद ईरान को विभाजित करना है। उन्होंने मुस्लिम देशों पर सवाल उठाया कि वो ईरान के साथ एकजुट नहीं हो रहे, जबकि संघर्ष सीधे अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच है। लारीजानी ने पूछा, "यह कैसा इस्लाम है?" उन्होंने मुस्लिम देशों की चुप्पी और अमेरिका-इजरायल के पक्ष में रुख की आलोचना भी की।

अली लारीजानी के बारे में जानें

अली लारीजानी ईरान के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में से एक माने जाते हैं। वो पूर्व स्पीकर ऑफ पार्लियामेंट रह चुके हैं और राष्ट्रपति पद के लिए भी चुनाव लड़ चुके हैं। उन्हें ईरान में कट्टरपंथी नेताओं की श्रेणी में गिना जाता है। 28 फरवरी 2026 को ईरान पर इजरायल और अमेरिका ने पहली बार हमला किया था, तब से अब तक ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई टॉप कमांडर की हत्या हो चुकी है।

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