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Hindi News विदेश एशिया रूस के द्वारा 3 सितंबर के दिन का नाम बदलने पर जापान ने जताया विरोध, कहा- 'यह कदम आपसी दुश्मनी को बढ़ावा देगा'

रूस के द्वारा 3 सितंबर के दिन का नाम बदलने पर जापान ने जताया विरोध, कहा- 'यह कदम आपसी दुश्मनी को बढ़ावा देगा'

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान ने अमेरिका के द्वारा परमाणु बम गिराए जाने के बाद सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद मंचूरिया तथा ताईवान चीन को वापस सौंप दिए गए थे, जिसे जापान ने प्रथम विश्व युद्ध में उससे लिया था।

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टोक्यो: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अब जापान और रूस के बीच विवाद की स्थिति बंटी हुई दिख रही है। रूस की सरकार ने पिछले दिनों 3 सितंबर के स्मृति दिवस का नाम बदलकर सैन्यवादी जापान पर विजय दिवस कर दिया था। अब इसे लेकर जपान ने अपना विरोध दर्ज कराया है। जापान ने कहा है कि रूसी सरकार का ऐसा कदम दोनों देशों के रिश्तों के लिए हानिकारक है। 

'यह कदम आपसी दुश्मनी को बढ़ावा देगा'

जापान सरकार के एक शीर्ष प्रवक्ता ने बताया कि जापान ने रूस द्वारा 3 सितंबर को "सैन्यवादी जापान" पर जीत का दिन घोषित करने के फैसले पर रूस के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से कहा गया है की उनका यह कदम आपसी दुश्मनी को बढ़ावा देगा। वहीं जापानी सरकार की कैबिनेट के मुख्य सचिव हिरोकाज़ु मात्सुनो ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "इस कानून के पारित होने से न केवल रूसी लोगों में जापानी विरोधी भावना भड़क सकती है, बल्कि जापानी लोगों में भी रूस विरोधी भावना पैदा हो सकती है।" रूस की सरकार का यह फैसला अत्यंत खेदजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।

रूस ने बदला 3 सितंबर का नाम  

जापानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने पिछले सप्ताह 3 सितंबर के स्मृति दिवस का नाम बदल दिया है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका के द्वारा जापान पर परमाणु बम गिराए गए थे, जिसके बाद जापान ने आत्मसमपर्ण कर दिया था। आत्मसमर्पण के अगले दिन को रूस अब सैन्यवादी जापान पर विजय दिवस के रूप में मनाएगा।

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