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कुर्द बागियों ने ईरान पर हमले की योजना से किया इनकार, बोले- 'अमेरिका ने किया जमीनी हमला तो देंगे साथ'

उत्तरी इराक में हथियारबंद कुर्द ईरानी बागी ग्रुप मौजूद है। कुर्द ईरानी बागी ग्रुप के अधिकारियों ने कहा है कि ईरान पर हमला करने की उनकी कोई योजना नहीं है। अधिकारियों ने कहा अगर अमेरिका जमीनी हमला करता है तो वो उसमें शामिल होंगे।

Kurdish Iranian Dissident Group Fighter- India TV Hindi
Image Source : AP Kurdish Iranian Dissident Group Fighter

Kurdish Iranian Dissidents Attack Plan: उत्तरी इराक में रहने वाले ईरानी कुर्द बागी गुटों के अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया है कि वो अभी ईरान पर बॉर्डर पार करके हमला करने की कोई योजना नहीं बना रहे हैं। बागी गुटों के अधिकारियों ने कहा कि अगर ईरान पर जमीनी हमला होता है तो वो अमेरिका का साथ देंगे। ईरानी कुर्द बागी गुटों के अधिकारियों के बयान से ऐसा लगता है कि ये बातें इराकी कुर्द अधिकारियों को भरोसा दिलाने के लिए कही गई हैं। इराकी कुर्द अधिकारियों ने कहा है कि वो नहीं चाहते कि उनके इलाके से ईरान पर हमले हों। इराकी कुर्दों को डर है कि अगर ऐसा हुआ तो मिडिल ईस्ट में फैल रही जंग में वो भी फंस जाएंगे। 

क्या बोले कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी के अधिकारी?

कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी (PAK) के एक अधिकारी खलील नादिरी ने AP को दिए इंटरव्यू में कहा, "अगर अमेरिका जमीन पर ऑपरेशन करता है, तो हम कोएलिशन फोर्सेस (अमेरिका और उसके सहयोगी) के साथ मिलकर अंदर घुसेंगे।" उन्होंने कहा, "कुर्दों को हमले का अगुआ नहीं बनाना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि उनके ग्रुप के हथियारबंद सदस्य पहले से ही ईरान के अंदर मौजूद हैं और विद्रोह हुआ तो उन्हें बाहर से मदद की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

अमेरिका और इजरायल से है संपर्क

नादिरी ने यह भी कहा कि उनके ग्रुप अमेरिका और इजरायल से संपर्क में हैं, लेकिन अभी तक उनसे कोई हथियार या सामग्री की मदद नहीं मिली है। दूसरे PAK कमांडर रेबाज शरीफी ने कहा कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगी कुर्द ग्रुपों को हथियार देते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात होगी लेकिन अभी तक ऐसा कोई सपोर्ट नहीं मिला है। वो उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी समय जमीन पर हमले के दौरान ईरान के कुर्द इलाके (पूर्वी कुर्दिस्तान) की पेशमर्गा सेना को लड़ाई में शामिल करना चाहेंगे, और अगर ऐसा हुआ तो वो खुश होंगे।

क्या चाहती हैं इराकी कुर्द पार्टियां?

कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी के दोनों अधिकारियों ने इस दौरान यह भी साफ किया कि वो इराकी कुर्द क्षेत्र को ईरान पर हमले का लॉन्चिंग पैड नहीं बनाना चाहते हैं। इराकी कुर्दिस्तान सरकार के प्रवक्ता पेशवा हवारमानी ने भी कहा कि आरोप लगाना बिल्कुल गलत है कि वो ईरानी विरोधी कुर्द ग्रुपों को हथियार दे रहे हैं या भेज रहे हैं। इराकी कुर्द पार्टियां इलाके में जंग और टेंशन को नहीं बढ़ाना चाहतीं हैं।

इराक में हुए हैं ड्रोन और मिसाइल हमले

बता दें कि, ईरान और उसके समर्थक इराकी प्रॉक्सी ने पहले ही उत्तरी इराक में कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। हमलों में अमेरिकी बेस, वाणिज्य दूतावास और कुर्द ईरानी विरोधी ग्रुपों के ठिकानों को निशाना बनाया गया है। कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी के ठिकानों पर भी हमले हुए है जिसमें एक लड़ाका मारा गया और कुछ घायल हुए हैं। कुल मिलाकर कुर्द ग्रुप अमेरिका के साथ सहयोग के लिए तैयार दिख रहे हैं लेकिन वो खुद से ईरान पर हमला शुरू नहीं करना चाहते हैं।

कुर्द कौन हैं?  

कुर्द मध्य पूर्व का एक बड़ा जातीय समूह है। ये दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्रविहीन लोग माने जाते हैं, यानी इनका अपना कोई स्वतंत्र देश नहीं है। कुर्दों का मकसद मकसद चारों इलाकों ( ईरान, इराक, तुर्की और सीरिया) में कुर्दों का स्टेटहुड और कुर्दिस्तान का रीयूनिफिकेशन है।

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