काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह ने गुरुवार को अपनी सरकार के श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह को अनुशासनहीनता के आरोप में पद से हटा दिया। यह कार्रवाई उनकी पार्टी की सिफारिश के बाद की गई। प्रधानमंत्री ने यह फैसला पार्टी अध्यक्ष रवि लामिछाने द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर लिया। यह सिफारिश पार्टी की केंद्रीय अनुशासन समिति की जांच रिपोर्ट पर आधारित थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, दीपक कुमार साह को पार्टी की आचार संहिता और अनुशासन का उल्लंघन करने का दोषी पाए जाने के बाद हटाया गया।
पत्नी को बनाया था हेल्थ इंश्योरेंस बोर्ड का सदस्य
जांच में सामने आया कि साह ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी जुनू श्रेष्ठा को हेल्थ इंश्योरेंस बोर्ड का सदस्य बनाए रखा। बताया जा रहा है कि यह पद लंबे समय से निष्क्रिय था। अनुशासन समिति ने इस मामले की जांच करके बुधवार को अपनी रिपोर्ट पार्टी को सौंपी और प्रधानमंत्री बालेन शाह से दीपक कुमार साह के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की। पार्टी अध्यक्ष लामिछाने ने अपने पत्र में कहा कि इस मामले से पार्टी की छवि, सिद्धांत और ईमानदारी को नुकसान पहुंचा है, इसलिए तुरंत कार्रवाई जरूरी है।
Image Source : ANIनेपाल के बर्खास्त श्रम मंत्री दीपक कुमार साह।
स्वास्थ्य मंत्री को भी चेतावनी देने की सिफारिश
पार्टी के नियमों के अनुसार, धारा 25 (4)(a) के तहत अध्यक्ष का कर्तव्य है कि वह पार्टी के मूल्यों की रक्षा करें, जबकि धारा 69 के तहत पद के दुरुपयोग की स्थिति में किसी भी व्यक्ति को जिम्मेदारी से हटाया जा सकता है। इसी के आधार पर प्रधानमंत्री ने साह को पद से हटा दिया। इसी पत्र में लामिछाने ने स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्री निशा मेहता को भी चेतावनी देने की सिफारिश की, क्योंकि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बता दें कि दीपक कुमार साह को 28 मार्च को मंत्री बनाया गया था। वह 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में महोत्तरी-2 सीट से सांसद चुने गए थे।
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