पाकिस्तान के गुल प्लाजा मॉल में अग्निकांड, 81 लोग अब भी लापता; 26 हुई मृतकों की संख्या
पाकिस्तान के कराची में स्थित गुल प्लाजा मॉल भीषण आग लगी थी। आग से मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है, 81 लोग अब भी लापता हैं। दर्जनों घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों में भेजा गया है।

Pakistan Karachi Gul Plaza Mall Fire: पाकिस्तान के कराची में एमए जिन्ना रोड पर गुल प्लाजा मॉल में लगी भीषण आग लगी थी। इस अग्निकांड में अब तक कम से कम 26 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 81 अन्य लापता बताए जा रहे हैं। ARY न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक आग लगने के बाद बिल्डिंग की संरचना कमजोर हो गई है और अब यह आम लोगों के लिए सुरक्षित नहीं रह गई है।
जारी है राहत और बचाव का काम
पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि 17 जनवरी को रात करीब 10:00 आग लगी थी। आग पर लगभग 34 घंटे बाद काबू पा लिया गया था। राहत और बचाव का अभियान अभी भी जारी है। सेना, रेंजर्स और नागरिक प्रशासन की मदद से सर्च टीमें ऑपरेशन चला रही हैं, जबकि इंजीनियर क्षतिग्रस्त ढांचे का आकलन कर रहे हैं।
अब तक कितने शव हुए बरामद?
रिपोर्ट के मुताबिक, DIG साउथ ने पुष्टि की है कि अब तक घटनास्थल से 26 शव बरामद किए गए हैं। 6 लोगों की पहचान हो गई है, जबकि बाकी शवों की पहचान DNA टेस्टिंग से की जाएगी। पुलिस के अनुसार, शुरू में 69 लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी, जिनमें से 32 की आखिरी लोकेशन गुल प्लाजा में ट्रेस की गई थी। अब दर्ज शिकायतों के आधार पर लापता लोगों की संख्या 81 कर दी गई है।
DNA सैंपल कलेक्शन शुरू
अग्निकांड के बाद DNA सैंपल कलेक्शन शुरू हो गया है, जिसमें 18 पीड़ितों के रिश्तेदारों ने पहचान प्रक्रिया में अधिकारियों की मदद के लिए पहले ही सैंपल जमा कर दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि गुल प्लाजा और पास के रामपा प्लाजा के अंदर और आसपास की स्थिति नियंत्रण में है, सभी एंट्री पॉइंट सील कर दिए गए हैं। बिल्डिंग के अंदर सिर्फ अधिकृत बचाव कर्मियों को ही जाने दिया जा रहा है। मलबा हटाने और सर्च ऑपरेशन के लिए सुरक्षित रास्ता बनाया जा कहा है। अधिकारियों ने लापता व्यक्तियों के परिवारों से अपडेट के लिए DC ऑफिस हेल्पलाइन से संपर्क में रहने का आग्रह किया है।
'बंद कर दिए गए थे 24 गेट'
अग्निकांड से बच गए जुबैर नाम के शख्स ने बताया कि गुल प्लाजा में 26 गेट हैं, लेकिन रात 10 बजे के बाद 24 गेट बंद कर दिए गए थे, जिससे सिर्फ 2 ही बाहर निकलने के रास्ते बचे थे। उन्होंने कहा, "अंधेरे और घने धुएं के कारण बाहर निकलना असंभव था। उन्होंने बताया घटना के समय उनकी दुकान में 20 से ज्यादा लोग थे। एक अन्य दुकानदार ने बताया कि वह फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए बिल्डिंग में घुसा और कई लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। उसने दावा किया कि कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था और बंद गेटों ने बिल्डिंग को "मौत का जाल" बना दिया था।
गुल प्लाजा के बारे में जानें
अधिकारियों ने बताया कि गुल प्लाजा को 1980 में बनाया गया था और 18 साल बाद 1998 में एक और मंजिल जोड़ी गई थी। समय के साथ, छत को पार्किंग एरिया में बदल दिया गया और ओरिजिनल पार्किंग की जगह पर गैर-कानूनी तरीके से दुकानें बना दी गईं। हालांकि, बाद में जोड़ी गई मंजिल को रेगुलराइज कर दिया गया था, और अप्रैल 2003 में कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया गया था। सिंध सरकार ने जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने कहा कि मुआवजा मंगलवार से देना शुरू किया जाएगा, उन्होंने इस घटना को एक बड़ी त्रासदी बताया है।
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