पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर फिर जाएंगे अमेरिका, 2 महीने में दूसरा दौरा; आखिर चल क्या रहा है?
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसीम मुनीर एक बार अमेरिका का दौरा करने जा रहे हैं। इस बार मुनीर सेंटकॉम प्रमुख के विदाई समारोह में शामिल होंगे।
Pakistan army chief Asim Munir US Visit: एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के खिलाफ टैरिफ वॉर छेड़ रखी है तो वहीं दूसरी तरफ उनका पाकिस्तान प्रेम परवान चढ़ता दिख रहा है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसीम मुनीर दो महीने में दूसरी बार अमेरिका का दौरा करने जा रहे हैं। इससे पहले मुनीर ने जून में अमेरिका का दौरा किया था। असीम मुनीर के बाद पाकिस्तान के वायु सेना प्रमुख जहीर अहमद बाबर सिद्धू ने भी अमेरिका का दौरा किया था।
इस वजह से अमेरिका जा रहे मुनीर
जनरल असीम मुनीर यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर जनरल माइकल ई कुरिल्ला के विदाई समारोह में भाग लेने के लिए अमेरिका की यात्रा करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि कुरिल्ला का विदाई समारोह फ्लोरिडा के टैम्पा स्थित CENTCOM मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। CENTCOM के कमांडर जनरल माइकल ई कुरिल्ला ने जुलाई के अंत में पाकिस्तान की यात्रा की थी।
पाकिस्तान समर्थक हैं कुरिल्ला?
अमेरिकी CENTCOM के कमांडर जनरल कुरिल्ला का पाकिस्तान के प्रति गहरा लगाव रहा है और उन्होंने आतंकवाद, खासकर इस्लामिक स्टेट - खुरासान (ISIS-K) के खिलाफ लड़ाई में इस्लामाबाद की भूमिका की अक्सर सराहना की है। हालांकि, कुरिल्ला ने तर्क दिया है कि अमेरिका को भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ अच्छे संबंध रखने की आवश्यकता है।
मुनीर की 2 महीने में दूसरी यात्रा
आसीम मुनीर इस साल जून महीने में अमेरिका के दौरे पर गए थे। उन्होंने इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ लंच भी किया था। दोनों की मुलाकात लगभग दो घंटे तक चली थी। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने बताया था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने जनरल मुनीर को मिलने के लिए इसलिए बुलाया क्योंकि मुनीर ने ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध रोकने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार देने की सिफारिश की थी।
पाकिस्तान पर मेहरबान ट्रंप
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, अमेरिका पाकिस्तान पर मेहरबान नजर आ रहा है। पाकिस्तान पर लगाए गए टैरिफ इसी बात का संकेत हैं। हाल ही में अमेरिका ने जो टैरिफ लगाए हैं, उनमें पाकिस्तान को बड़ी छूट दी गई है। ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान पर टैरिफ 29 प्रतिशत से घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया है। अमेरिका ने हाल ही में पाकिस्तान के साथ एक तेल समझौता भी किया है। इतना ही नहीं पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से जो मदद मिली है उसके पीछे भी अमेरिका का बड़ा हाथ रहा है।
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