नई दिल्लीः इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में फैली अशांति और असुरक्षा ने दुनिया भर को गहरी चिंता में डाल दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले सभी देशों के तेल टैंकर भी ईरानी मिसाइलों का कहर झेल रहे हैं। ऐसे में एशिया से लेकर यूरोप तक तेल और गैस का व्यापक वैश्विक संकट पैदा हो गया है। वहीं इस हमले में दोनों पक्षों की ओर तमाम निर्दोष लोगों की जान जा रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता को पुनः स्थापित करने के मद्देनजर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर वार्ता की है।
पीएम मोदी ने दिया पश्चिम एशिया में तनाव कम करने पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रिय मित्र और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) की स्थिति पर बातचीत की। उन्होंने कहा: “मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के बारे में बात की, साथ ही संवाद और कूटनीति की ओर लौटने की जरूरत पर भी चर्चा हुई। हम क्षेत्र और उससे आगे शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपनी निकट समन्वय जारी रखने की आशा करते हैं।”
इजरायल-ईरान संघर्ष से खाड़ी देशों में चरम पर पहुंचा तनाव
ईरान-इजरायल और अमेरिका संघर्ष के चलते खाड़ी देशों पर हमलों के कारण तनाव चरम पर पहुंच गया है। लिहाजा दोनों नेताओं ने शांति और स्थिरता के लिए साझा चिंताओं पर जोर दिया और डी-एस्केलेशन (तनाव कम करने), संवाद तथा कूटनीति के माध्यम से शांति बहाल करने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने X (पूर्व ट्विटर) पर यह पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने मैक्रों को टैग भी किया। यह भारत-फ्रांस के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर निकट सहयोग को दर्शाता है। पीएम मोदी का यह बयान क्षेत्रीय संघर्ष के बीच शांति प्रयासों का हिस्सा है, जहां पहले ईरान ने खाड़ी रिफाइनरियों पर हमले किए और इजरायल ने ईरान के गैस क्षेत्रों को निशाना बनाया है।
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