तेहरानः ईरान ने अपने देश में 6 कैदियों को एक ही दिन में फांसी के फंदे पर लटका दिया। इससे पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। ईरान ने 6 लोगों को मौत की यह खौफनाक सजा इजरायल की तरफ से हमले के आरोप में दी है। शनिवार को ईरान की तरफ से जह जानकारी दी गई है। यह कार्रवाई ईरान के तेल समृद्ध दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में की गई, जो खास तौर पर खोर्रमशहर और उसके आसपास के इलाकों से संबंधित है। ईरान के अधिकारियों ने बताया कि जिन कैदियों को फांसी दी गई, उन पर पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बलों की हत्या का आरोप था, साथ ही उन पर बम विस्फोट कर अशांति फैलाने का भी आरोप था।
ईरान में फांसी देने की प्रक्रिया तेज
ईरान में फांसी की सजा देने की प्रक्रिया इजरायल के साथ 11 दिनों तक चले युद्ध के बाद काफी तेज हो गई है। विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी जून में इजरायल के साथ चले युद्ध के बाद आई है। यह इजरायल और ईरान के बीच हुआ था। इस संघर्ष ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। जून के युद्ध के बाद से ईरान में फांसी की संख्या पिछले कई दशकों में सबसे अधिक दर्ज की गई है। यह कदम ईरान की कड़ी सुरक्षा नीतियों और कठोर दंडात्मक कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।
क्यों दी गई 6 कैदियों को फांसी
जिन कैदियों को फांसी के फंदे पर लटकाया गया, उन्हें ईरान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुजस्तान में खोर्रमशहर और आसपास के इलाकों में हुए बम विस्फोटों का जिम्मेदार ठहराया गया था। स्थानीय सुरक्षा बलों के अनुसार, इन हमलों में कई पुलिसकर्मी और सुरक्षा कर्मी मारे गए थे। ईरान सरकार ने इन हमलों को देश की स्थिरता और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। ईरान में मौत की सजा एक विवादास्पद विषय बना हुआ है, और इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचनाएं भी होती रही हैं। मानवाधिकार संगठनों ने ईरान की इस सजा नीति की निंदा की है, खासकर राजनीतिक और सुरक्षा मामलों में फांसी की सजा पर सवाल उठाए हैं। ईरान सरकार का कहना है कि ये कदम देश की सुरक्षा और आतंकवाद से लड़ने के लिए आवश्यक हैं।
ईरान की कार्रवाई से दुनिया में खलबली
ईरान की इस कार्रवाई से दुनिया में खलबली मच गई है। ईरान ने फांसी की मुहिम को तेज करके दुनिया के कई देशों और संगठनों को चिंता में डाल दिया है, जो ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ईरान-इजराइल संघर्ष की पृष्ठभूमि में इन फांसियों से क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। (भाषा)
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