बीजिंग में ट्रंप और शी जिनपिंग की अहम मुलाकात, जानें दोनों नेताओं ने बातचीत में क्या कहा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अहम मुलाकात की है। इस दौरान ट्रंप को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक दोनों नेताओं की यह मुलाकात भविष्य के अमेरिका-चीन संबंधों की दिशा तय कर सकती है।

बीजिंग: अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा विवादों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं की मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है और पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी हुई है। बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप का औपचारिक स्वागत किया। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और इसके बाद ट्रंप ने शी जिनपिंग के मंत्रिमंडल के सदस्यों से मुलाकात की।
ट्रंप को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
ट्रंप ने भी अपने प्रतिनिधिमंडल और कैबिनेट के सदस्यों का परिचय चीनी राष्ट्रपति से कराया। इनमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ शामिल थे। इस दौरान चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की ऑनर गार्ड बटालियन ने राष्ट्रपति ट्रंप को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया। औपचारिक स्वागत समारोह के बाद दोनों देशों के नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई। बातचीत के दौरान ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति की जमकर तारीफ की और उन्हें एक महान नेता बताया। वहीं, शी जिनपिंग ने भी कहा कि वह इस बात से खुश हैं कि ट्रंप 9 साल के बाद चीन आए हैं।
ट्रंप ने की जिनपिंग की जमकर तारीफ
मीटिंग की शुरुआत में ट्रंप ने जिनपिंग की खुलकर तारीफ की और दोनों देशों के रिश्तों को भविष्य में और मजबूत होने की उम्मीद जताई। उन्होंने जिनपिंग को 'महान नेता' बताया और कहा कि चीन और अमेरिका के संबंध पहले से कहीं बेहतर होंगे। ट्रंप ने अपने स्वागत के लिए जिनपिंग का धन्यवाद करते हुए कहा, 'राष्ट्रपति शी, मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। यह ऐसा सम्मान है, जैसा बहुत कम लोगों ने कभी देखा होगा। मैं उन बच्चों से बहुत प्रभावित हुआ। वे खुश थे, बेहद सुंदर थे। सेना की व्यवस्था तो शानदार थी ही, लेकिन वे बच्चे अद्भुत थे और बहुत कुछ दर्शाते हैं।'
'मुश्किलों को हमने मिलकर सुलझाया'
ट्रंप ने कहा कि उनकी और शी जिनपिंग की लंबे समय से अच्छी दोस्ती रही है और दोनों नेताओं ने हमेशा बातचीत के जरिए मुश्किल हालात को संभाला है। उन्होंने कहा, 'हम दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं। शायद हमारे दोनों देशों के किसी भी राष्ट्रपति के बीच इतना लंबा रिश्ता नहीं रहा होगा। हमारा रिश्ता शानदार रहा है। जब भी कोई मुश्किल आई, हमने उसे मिलकर सुलझाया। मैं आपको फोन करता था, आप मुझे फोन करते थे और जब भी कोई समस्या हुई, हमने उसे बहुत जल्दी हल कर लिया। चीन के लिए आपने जो काम किया है, उसके लिए आपके प्रति बहुत सम्मान है। आप एक महान नेता हैं।'
'आपका दोस्त होना सम्मान की बात है'
ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके साथ अमेरिका के बड़े कारोबारी नेता चीन आए हैं, जो चीन के साथ व्यापार और कारोबारी रिश्ते बढ़ाने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे साथ दुनिया के सबसे बड़े और बेहतरीन कारोबारी लोग आए हैं। वे सभी चीन के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं।' ट्रंप ने इस बैठक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अमेरिका में लोग इस शिखर बैठक पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग कह रहे हैं कि यह शायद अब तक की सबसे बड़ी शिखर बैठक हो सकती है।' अपने संबोधन के अंत में ट्रंप ने कहा, 'आपका दोस्त होना मेरे लिए सम्मान की बात है और चीन तथा अमेरिका के रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा बेहतर होने वाले हैं।'
'चीन-अमेरिका संबंधों का स्थिर रहना बेहद जरूरी'
वहीं, जिनपिंग ने द्विपक्षीय बैठक में कहा कि दुनिया की 2 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन को 'प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार' बनना चाहिए। बीजिंग में हुई इस अहम बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में चीन-अमेरिका संबंधों का स्थिर रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, 'पूरी दुनिया हमारी इस बैठक पर नजर रखे हुए है। इस समय दुनिया में ऐसा बदलाव हो रहा है, जैसा पिछले सौ वर्षों में नहीं देखा गया। अंतरराष्ट्रीय हालात तेजी से बदल रहे हैं और दुनिया एक नए मोड़ पर खड़ी है।'
'क्या हम मिलकर चुनौतियों का सामना कर सकते हैं'
शी जिनपिंग ने दोनों देशों के भविष्य के रिश्तों को लेकर कई अहम सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि क्या चीन और अमेरिका आपसी टकराव से बचते हुए नए तरह के संबंध बना सकते हैं और मिलकर दुनिया की चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'क्या चीन और अमेरिका ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ से बाहर निकलकर बड़े देशों के रिश्तों का नया मॉडल बना सकते हैं? क्या हम मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना कर दुनिया को ज्यादा स्थिरता दे सकते हैं? क्या हम अपने लोगों और मानवता के बेहतर भविष्य के लिए साथ मिलकर काम कर सकते हैं?'
'सवालों के जवाब हम दोनों को मिलकर देना होगा'
शी ने कहा कि ये सवाल सिर्फ दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया और इतिहास के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि बड़े देशों के नेताओं के तौर पर इन सवालों का जवाब उन्हें और ट्रंप को मिलकर देना होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, शी जिनपिंग ने ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ का जिक्र कर उभरती ताकत और मौजूदा महाशक्ति के बीच बढ़ते तनाव की ओर इशारा किया। यह शब्द हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ग्राहम एलिसन ने लोकप्रिय बनाया था, जिसका मतलब है कि जब कोई नई शक्ति मौजूदा वैश्विक ताकत को चुनौती देती है तो संघर्ष का खतरा बढ़ जाता है।
'एक की सफलता दूसरे के लिए अवसर बन सकती है'
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच मतभेदों से ज्यादा साझा हित हैं। उन्होंने कहा, 'एक देश की सफलता दूसरे के लिए अवसर बन सकती है। स्थिर चीन-अमेरिका संबंध पूरी दुनिया के लिए अच्छे हैं। सहयोग से दोनों देशों को फायदा होगा, जबकि टकराव से नुकसान होगा। हमें प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार बनना चाहिए। हमें एक-दूसरे की सफलता में सहयोग करना चाहिए और नए दौर में बड़े देशों के बीच अच्छे संबंधों का सही रास्ता तलाशना चाहिए।'
'मैं आपको और अमेरिकी जनता को बधाई देता हूं'
शी जिनपिंग ने ट्रंप का 9 साल बाद चीन लौटने पर स्वागत भी किया। उन्होंने अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ के लिए अमेरिकी जनता और ट्रंप को बधाई दी। जिनपिंग ने कहा, 'मैं बीजिंग में आपसे मिलकर बेहद खुश हूं। 9 साल बाद आपका फिर से चीन में स्वागत है। इस साल अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ है। मैं आपको और अमेरिकी जनता को बधाई देता हूं।' बैठक के अंत में शी जिनपिंग ने उम्मीद जताई कि दोनों देश मिलकर आपसी संबंधों में नया अध्याय शुरू करेंगे।
ट्रंप के सम्मान में राजकीय भोज का भी आयोजन
शाम को राष्ट्रपति ट्रंप के सम्मान में राजकीय भोज का भी आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप बुधवार को 2 दिवसीय दौरे पर चीन पहुंचे थे। बीजिंग पहुंचने पर चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने उनका स्वागत किया। इस दौरान चीन में अमेरिकी राजदूत डेविड पर्ड्यू भी मौजूद रहे। यह ट्रंप का 2017 के बाद पहला चीन दौरा है। इससे पहले दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात पिछले साल अक्टूबर में बुसान में हुई थी। ट्रंप के चीन पहुंचने से पहले अमेरिका में स्थित चीनी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर चीन-अमेरिका संबंधों से जुड़े कुछ संवेदनशील मुद्दों को लेकर अपना रुख दोहराया था।
अमेरिका को चीन ने पहले ही दी थी ये चेतावनी
बता दें कि X पर एक पोस्ट में दूतावास ने कहा था कि दोनों देशों के रिश्तों में 'चार रेड लाइन' हैं, जिन्हें चुनौती नहीं दी जानी चाहिए। पोस्ट में जिन 4 मुद्दों का जिक्र किया गया, उनमें ताइवान का सवाल, लोकतंत्र और मानवाधिकार, राजनीतिक व्यवस्था और चीन के विकास का अधिकार शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप और शी जिनपिंग की यह मुलाकात आने वाले समय में अमेरिका-चीन संबंधों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।