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Hindi News विदेश एशिया वेनेजुएला में अमेरिका के एक्शन पर चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग का भी रिएक्शन आ गया सामने, कह दी बड़ी बात

वेनेजुएला में अमेरिका के एक्शन पर चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग का भी रिएक्शन आ गया सामने, कह दी बड़ी बात

वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति मादुरो को बंधक बनाए जाने से चीन भड़क गया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस पूरी दुनिया के लिए चिंताजनक बताया और कहा कि दुनिया में एकतरफा दादागिरी बढ़ रही है।

डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग- India TV Hindi Image Source : AP डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग

Xi Jinping on US Strike Venezuela : वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और निकोलस मादुरो को बंधक बनाए जाने की घटना ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस घटनाक्रम को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर प्रहार बताते हुए अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। बीजिंग के लिए इस घटना को एक बड़े रणनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। क्योंकि ह्यूगो शावेज़ के दौर से ही वेनेजुएला चीन का सबसे भरोसेमंद साथी और तेल का प्रमुख स्रोत रहा है। मादुरो की गिरफ्तारी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए शी जिनपिंग ने इसे "एकतरफा दादागिरी" करार दिया।

उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है दुनिया

समाचार एजेंसीशिन्हुआ के मुताबिक राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, "दुनिया आज ऐसे बदलावों और उथल-पुथल से गुजर रही है जो पिछली एक सदी में नहीं देखे गए। कुछ देशों की दादागिरी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को गंभीर रूप से कमजोर कर रही है।" चीनी नेता की यह टिप्पणी बीजिंग द्वारा वाशिंगटन के वेनेजुएला पर हमलों की पहले की आलोचना के बाद आई है।

सत्ता की हनक के दम पर व्यवस्था को बिगाड़ा जा रहा

आयरिश प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन के साथ एक बैठक के दौरान चीनी राष्ट्रपति ने कहा, "सभी देशों को दूसरे देशों के लोगों द्वारा स्वतंत्र रूप से चुने गए विकास के रास्तों का सम्मान करना चाहिए, अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करना चाहिए, और खासकर बड़ी शक्तियों को ऐसा करने में आगे आना चाहिए।" शी ने कहा कि दुनिया ऐसे दौर में है जहां सत्ता की हनक के दम पर व्यवस्था को बिगाड़ा जा रहा है, जो वैश्विक शांति के लिए खतरा है।

चीन का वेनेजुएला पर बयान

बीजिंग ने बार-बार कहा है कि काराकास को बिना किसी बाहरी दबाव के दूसरे देशों के साथ आर्थिक सहयोग करने का अधिकार है। इससे पहले, चीन ने अमेरिका से मादुरो और उनकी पत्नी को "तुरंत" रिहा करने के लिए भी कहा था और कहा था कि वह "एक संप्रभु देश के खिलाफ अमेरिका द्वारा बल के खुलेआम इस्तेमाल से बहुत हैरान है और इसकी कड़ी निंदा करता है।" इसमें कहा गया है, "यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी नियमों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का साफ उल्लंघन है।"

चीन-वेनेजुएला के कैसे हैं संबंध?

मादुरो सरकार का गिरना और अमेरिका द्वारा उनका पकड़ा जाना बीजिंग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि मादुरो के पूर्ववर्ती ह्यूगो शावेज के समय से ही वेनेजुएला के साथ उसके करीबी रणनीतिक संबंध थे। पिछले दो दशकों में वेनेजुएला के साथ बीजिंग की रणनीतिक साझेदारी राजनीतिक तालमेल, ऊर्जा सहयोग और लैटिन अमेरिका में अमेरिका और पश्चिमी प्रभाव के साझा विरोध पर बनी थी। इस दौरान, अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद चीन वेनेजुएला के तेल का एक बड़ा खरीदार बन गया। यह वेनेजुएला का प्रमुख निवेशक और कर्ज देने वाला भी है, जिसने तेल के बदले में अरबों डॉलर का लोन दिया है।

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