मॉस्को: अपने बिजनस लीडर्स, कंपनियों और वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद रूस ने अमेरिका को करारा जवाब देने की बात कही है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उनका देश नए अमेरिकी प्रतिबंधों और भविष्य में किसी भी प्रतिकूल कार्रवाई को नजरअंदाज न करते हुए इसका जवाब कड़ाई से देगा। मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि प्रशासनिक कदम उठाकर प्रतिस्पर्धियों को हटाने सहित अंतहीन प्रतिबंधों के साथ अमेरिका वास्तव में बाजार अर्थव्यवस्था और मुक्त, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के खिलाफ हो गया है। बयान में कहा गया, ‘अमेरिका हर तरह से बस अपना वैश्विक आधिपत्य सुनिश्चित करना चाहता है।’
रूसी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि कोई भी दबाव रूस को उसके चुने गए मार्ग से हटा नहीं सकता और अमेरिका के ऐसे कदम केवल अपने लक्ष्यों को हासिल करने में अमेरिका की अयोग्यता को दर्शाते हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘हम वॉशिंगटन को अपना यह भ्रम दूर करने की सलाह देना चाहेंगे कि प्रतिबंधों की भाषा से हमें डराया जा सकता है। पहले के50 चरणों के प्रतिबंधों से कुछ हासिल ना होने के बाद अमेरिका वीजा जारी ना करके डर फैला रहा है, रूस के उद्योगों की कंपनियों की संपत्ति जब्त करने की धमकी दे रहा है जबकि वह भूल गया है कि निजी संपत्ति और अन्य लोगों के धन को अधिग्रहण करना चोरी मानी जाती है।’
अमेरिका के प्रतिबंधों में 7 बिजनस लीडर्स, 12 कंपनियों, 17 वरिष्ठ रूसी अधिकारियों और हथियारों का निर्यात करने वाली एक सरकारी कंपनी को निशाना बनाया गया है। आपको बता दें कि पूर्व जासूस सर्गेइ स्क्रीपल और उनकी बेटी यूलिया को जहर देने के मामले से रूस और पश्चिमी देशों के बीच कूटनीतिक संकट पैदा हो गया है। इस मामले ने यूरोपीय देशों और अमेरिका ने रूस के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कई रूसी राजनयिकों को अपने देश से निकाल दिया। इसके जवाब में रूस ने भी इन देशों के राजनयिकों को अपने देश से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
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