यूरोपियन यूनियन ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर लगाई रोक, ग्रीनलैंड पर ट्रंप की जिद और क्या करवाएगी?
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर जिद से यूरोप के देश भी खफा हैं। अब यूरोपियन यूनियन ने संसद ने अमेरिका से साथ हुए ट्रेड डील को सस्पेंड कर दिया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड के मसले पर किसी की सुनने को तैयार नहीं हैं। वे बार-बार ग्रीनलैंड पर अमेरिका के नियंत्रण के दावे को दोहरा रहे हैं। लेकिन इस बीच बड़ी खबर ये है कि यूरोपियन यूनियन ने संसद ने अमेरिका से साथ हुए ट्रेड डील को सस्पेंड कर दिया है। यूरोपियन यूनियन का यह कदम एक तरह से ट्रंप के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की बार-बार दी जा रही धमकियों के बीच यूरोपियन यूनियन कीपार्लियामेंट ने ट्रेड डील के लिए रैटिफिकेशन वोट को फ्रीज करने का फैसला किया है।
सख्ती से जवाब देने की तैयारी!
यूरोपियन पार्लियामेंट की ओर से यह कदम तब उठाया गया है जब 27 देशों का यह ग्रुप इस बात पर विचार कर रहा है कि अगर ट्रंप अपने पुराने सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं, तो उन्हें कितनी सख्ती से जवाब देना है। पार्लियामेंट इस समझौते के तहत आने वाले हफ्तों में अमेरिकी इंडस्ट्रियल सामानों पर टैरिफ हटाने के लिए वोटिंग करने की योजना बना रही थी।बता दें कि इस डील पर पिछले साल जुलाई में ट्रंप के साथ महीनों की कड़ी बातचीत के बाद सहमति बनी थी।
दावोस में भी ग्रीनलैंड पर दावे की बात दोहराई
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर यूरोप के देशों के रुख के विपरीत जाकर अमेरिका के नियंत्रण की बात लगातार दोहरा रहे हैं। बुधवार को भी दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक में अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि वह ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बल का प्रयोग नहीं करेंगे। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका तेजी से तरक्की कर रहा है, लेकिन यूरोप ‘‘सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है’’।
डोनाल्ड ट्रंप नाटो गठबंधन में अपने सहयोगी देश डेनमार्क से ग्रीनलैंड का नियंत्रण हासिल करना चाहते हैं। उनकी यह महत्वाकांक्षा अमेरिका के कई करीबी सहयोगियों के साथ संबंधों को खराब करने का खतरा पैदा कर रही है।
यूरोप के देशों का किया उपहास
उन्होंने बार-बार दोहराया कि ग्रीनलैंड को नियंत्रित करने के लिए अमेरिका सबसे अच्छी स्थिति में है। उन्होंने इस विचार का विरोध करने के लिए यूरोप के अधिकांश देशों का उपहास किया। राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप की दावोस की यह तीसरी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी सहयोगी ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की उनकी महत्वाकांक्षा को लेकर चिंतित हैं, जबकि लातिन अमेरिका वेनेजुएला के तेल पर कब्जा करने के उनके प्रयासों से जूझ रहा है।
ग्रीनलैंड पर डोनाल्ड ट्रंप के रूख से यूरोप और अमेरिका के बीच की खाई बढ़ती जा रही है। ट्रंप बार-बार ग्रीनलैंड पर रूस की नजर होने का दावा करते रहे लेकिन रूस की ओर से भी यह स्पष्ट किया जा चुका है कि ग्रीनलैंड में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है। ऐसे में इस अब पूरा तनाव अमेरिका और यूरोप के बीच केंद्रित हो गया है।