A
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. पीएम मोदी ने ब्रिटेन में अनुवादक के अटकने पर दिखाया सहज अंदाज, "आप चिंता न करें...हम इंग्लिश का इस्तेमाल कर लेंगे"

पीएम मोदी ने ब्रिटेन में अनुवादक के अटकने पर दिखाया सहज अंदाज, "आप चिंता न करें...हम इंग्लिश का इस्तेमाल कर लेंगे"

ब्रिटेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह सहज अंदाज अब काफी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अनुवादक के अटकने पर कहा कि आप चिंता न करें, हम अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल कर लेंगे। इस ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर भी मंत्रमुग्ध हो गए।

पीएम मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर। - India TV Hindi
Image Source : PTI पीएम मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर।

लंदनः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर के बीच हाल ही में लंदन में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक दिलचस्प और सहज क्षण देखने को मिला। जब संवाददाताओं द्वारा पूछे गए सवालों और नेताओं के जवाबों का अनुवाद किया जा रहा था, तब महिला अनुवादक कीर स्टार्मर की अंग्रेजी का हिंदी में अनुवाद करते वक्त अटक गई। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सहज रूप से कहा, "कोई बात नहीं, आप चिंता मत कीजिए...हम बीच-बीच में अंग्रेज़ी शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

कीर स्टार्मर पीएम मोदी के इस अंदाज पर हुए फिदा

प्रधानमंत्री मोदी की इस टिप्पणी के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर उनके इस अंदाज पर फिदा हो गए। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "मुझे लगता है कि हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं।" यह पल दोनों नेताओं के बीच अच्छे आपसी तालमेल और सहजता को दर्शाता है, जो उनके द्विपक्षीय संबंधों में विश्वास और सहयोग का संकेत भी देता है। उनका यह बयान दर्शाता है कि भाषा की बाधा दोनों नेताओं के बीच संवाद में कोई रुकावट नहीं बन रही है।

भारत और ब्रिटेन ने किया मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर

यह संवाद उस समय आया, जब भारत और ब्रिटेन ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नया बल मिलेगा। प्रेस वार्ता में पूछे गए सवालों और अनुवाद के दौरान दोनों नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि उनके बीच का संवाद न केवल औपचारिक है, बल्कि आपसी समझ और सम्मान पर आधारित भी है। यह घटना दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों की गहराई को उजागर करती है और यह संकेत देती है कि भारत और ब्रिटेन, भाषा और संस्कृति की विविधताओं के बावजूद समान लक्ष्यों की दिशा में मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।

Latest World News