रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पुतिन ने कर दिया ये बड़ा ऐलान, कीव से लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों की उड़ी नींद
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के एक ऐलान से यूक्रेन से लेकर यूरोप और अमेरिका तक खलबली मच गई है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पुतिन की इस घोषणा ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया है। दरअसल पुतिन ने 2024 में फिर से रूस के राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। ऐसे में अन्य देशों की नींद उड़ गई है।
रूस में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव की तारीख का ऐलाान हो गया है। जानकारी के अनुसार रूस के सांसदों ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए पांचवीं बार चुनाव लड़ने का मार्ग प्रशस्त करते हुए देश में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराने की तारीख 17 मार्च 2024 तय की। 2020 के संवैधानिक संशोधन के बाद ये पहला चुनाव होगा, जिसमें दो राष्ट्रपति पद की सीमा तय की गई है, लेकिन पूर्वव्यापी रूप से नहीं, इस तरह पुतिन को 2024 और यहां तक कि 2030 में भी चुनाव लड़ने की अनुमति मिलेगी।
1999 में बने थे रूस के राष्ट्रपति
पुतिन पहली बार 1999 में रूस के राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने बोरिस येल्तिसन के बाद यह पद संभाला था। पुतिन दरअसल जोसेफ स्टालिन के बाद किसी अन्य रूसी शासक की तुलना में लंबे समय तक देश के राष्ट्रपति पद पर रहे हैं। इससे पहले लियोनिड ब्रेजनेव 18 सालों तक रूस के राष्ट्रपति रहे थे, लेकिन पुतिन ने उन्हें भी पीछे छोड़ दिया। पुतिन 7 अक्टूबर को ही 71 साल के हुए थे।
खुफिया जासूस भी रह चुके हैं पुतिन
7 अक्टूबर 1952 को सोवियत संघ के लेनिनग्राड में व्लादिमीर व्लादिमीरोविच पुतिन और मारिया इवानोवना के घर व्लादिमीर पुतिन का जन्म हुआ। वो अपने माता-पिता की तीसरी संतान थे। उनके दो बड़े भाइयों की बचपन में ही बीमारी से मौत हो गई थी। यही पुतिन आगे जाकर खुफिया एजेंसी केजीबी के जासूस बने और फिर रूस के राष्ट्रपति। पुतिन ने घोषणा की है कि चुनाव के औपचारिक ऐलान होने के बाद वह तय करेंगे कि वह अपने पांचवें कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ेंगे या नहीं-हालांकि सूत्रों से संकेत मिलता है कि वह चुनाव लड़ेंगे। उनके पहले राष्ट्रपति कार्यकाल (2000-08) के अंत में उनके चुने गए उत्तराधिकारी दिमित्री मेदवेदेव थे। (एपी)
