NATO की एयर पुलिसिंग मिशन के तहत तैनात रोमानिया के एक F-16 फाइटर जेट ने एक संदिग्ध ड्रोन को मार गिराया। यह घटना एस्टोनिया के दक्षिणी इलाके में हुई। अधिकारियों को मानना है कि यह ड्रोन संभवत: यूक्रेन का था और उसका लक्ष्य रूस के अंदर किसी ठिकाने पर हमला करना हो सकता था।
रूस की ओर जा रहा था यूक्रोनी ड्रोन
एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हैनो पेवकुर ने बताया कि ड्रोन की दिशा और गतिविधियों को देखते हुए उसे खतरा मानते हुए तुरंत कार्रवाई का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह माना जा रहा है कि ड्रोन रूस की ओर जा रहा था लेकिन बाद वह नाटो के इलाके में दाखिल हो गया। उन्होंने एसोसिएटेड प्रेस को बताया, "पूरी संभावना है कि आज हम यह कह सकते हैं कि यह एक ऐसा ड्रोन था, जिसका मकसद शायद रूस के कुछ ठिकानों को निशाना बनाना था।"
हाल के महीनों में हुई ऐसी कई घटनाओं में से यह सबसे ताज़ा घटना है, जिनमें रूस को निशाना बनाने वाले यूक्रेनी ड्रोन NATO के इलाके में घुस आए या वहीं गिर गए। ये घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब ने अपने ड्रोन हमलों को लगातार तेज़ किया है, और उसका मुख्य निशाना रूस की ऊर्जा इकाइयाँ और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां हैं।
रविवार को रूस पर हुआ था बड़ा ड्रोन अटैक
इससे पहले रविवार को यूक्रेन द्वारा रूस पर किए गए सबसे बड़े ड्रोन हमलों में कम से कम चार लोग मारे गए, जिनमें से तीन लोगों की मौत मॉस्को के नजदीक हुई। इन हमलों में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि हमले का मलबा रूस के सबसे बड़े हवाई अड्डे पर गिरा, लेकिन इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने ड्रोन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि हमले ''पूरी तरह से न्यायसंगत'' है। रूस ने युद्ध के दौरान यूक्रेन की राजधानी और अन्य शहरों पर बार-बार इसी तरह के हमले किए हैं। यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि रूस द्वारा शनिवार रात उसके इलाके पर किये गए ड्रोन हमलों में आठ लोग घायल हुए हैं।
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