रूस ने बनाया दुनिया का सबसे खतरनाक Weatherproof लड़ाकू विमान, बादलों और तूफानों का सीना चीर हमला करने में सक्षम
रूस पिछले 15 दिनों से खतरनाक युद्धक हथियारों का परीक्षण कर रहा है। इस कड़ी में उसने वेदरप्रूफ फाइटर जेट का परीक्षण करके सबको चौंका दिया है। यह बारिश, तूफान और अन्य सभी तरह के मौसम में हमला करने में सक्षम है।
मॉस्कोः यूक्रेन से चल रहे युद्ध के बीच रूस ने पिछले 15 दिनों में तीसरे घातक हथियार का सफल परीक्षण किया है। रूस ने परमाणु मिसाइल और पोसाइडॉन परमाणु ड्रोन के सफल परीक्षण के बाद अब वेदरप्रूफ फाइटर जेट बनाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। रूस का यह स्वदेशी फाइटर जेट बारिश, तूफान और आग के सीने को चीर कर दुश्मन के घर तबाही मचाने में सक्षम है। रूसी इंजीनियर अलेक्सी का इस फाइटर जेट को बनाने में बड़ा योगदान है।
'सुपरजेट न्यू' पीडी-8
रूस के इस खतरनाक फाइटर प्लेन का नाम 'सुपरजेट न्यू' पीडी-8 है। यानि इसमें 8 इंजन लगे हैं, जो इसकी ताकत के प्रतीक हैं। यह पूरी तरह से स्वदेशी इंजन हैं। यह बारिशों और तूफानों को चुनौती देने में सक्षम हैं। इस विमान ने असली पानी-ग्रहण परीक्षण को पास कर लिया है। इसके साथ ही इस विमान ने तूफानों के सीने को चीर दिया है। इंजीनियर अलेक्सी ने इस विमान के सफल परीक्षण के बाद वह दौर याद किया कि कैसे 2010 के दशक में पुराने सुपरजेट को विदेशी इंजनों की बेड़ी में जकड़ा गया था। मगर अब अमेरिकी प्रतिबंधों ने रूस को मजबूर किया कि वह अपना रास्ता खुद बनाए।
ऐसे हुआ पीडी-8 जेट का परीक्षण
रूस का सुपर न्यू जेट पीडी-8 हल्का, शक्तिशाली और पूरी तरह स्वदेशी है। यह अब 2025 की सर्दियों में परीक्षण के दिन को पास कर गया है। इस जेट ने उस वक्त अपनी परीक्षण उड़ान भरी, जब आकाश में काले बादल घुमड़ रहे थे। टेस्ट पायलट नाद्या कॉकपिट में बैठीं, हेलमेट पर पसीने की बूंदें थीं। उनके उड़ान भरने से पहले अलेक्सी ने वॉकी-टॉकी पर कहा, "यह सिर्फ मशीन नहीं, हमारी आशा है। तभी विमान रनवे पर दहाड़ा। रूसी जेट पीडी-8 के इंजन साइबेरिया की हवाओं की तरह गरज उठे और परीक्षण उड़ान शुरू हो गई।
विमान पर कराई गई कृत्रिम बारिश
विमान के परीक्षण के लिए कृत्रिम वर्षा सिस्टम से पानी की बौछारें इंजनों पर कराई गईं। सामान्य जेट्स में पानी घुसते ही इंजन रुक जाते हैं, लेकिन पीडी-8 ने बिना रुके, बिना हिले पानी को निगल लिया। नाद्या ने गति बढ़ाई। अब असली तूफान से सामना होना बाकी था। हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रतिघंटा थी और साथ में बारिश की चाबुक-सी मार। इसके बावजूद विमान देखते ही देखते ऊंचाइयों पर पहुंचकर बादलों को चीरता हुआ दिखा। नीचे नियंत्रण कक्ष में ऐसा नजारा देख रूसी इंजीनियरों की भी सांसें थम गईं। "इंजन का तापमान पूरी तरह सामान्य था... ईंधन फ्लो स्थिर!"—स्क्रीन पर हरी लाइट्स चमकीं। अचानक, बिजली कड़की। विमान हिला, लेकिन पीडी-8 ने संतुलन बनाए रखा।
20 मिनट तक जारी रही परीक्षण उड़ान
बादलों के बीच घुसने पर जेट के इंजनों में पानी की बाढ़-सी घुसी, फिर जेट ने उसे बाहर फेंक दिया। करीब 20 मिनट तक उड़ान भरने के बाद सुपरजेट ने साबित कर दिया कि वह मौसम-प्रतिरोधी है। नाद्या जब लैंडिंग के लिए उतरीं तो तालियां गूंज उठीं। अलेक्सी ने नाद्या को गले लगाते हुए कहा कि यह रूस की जीत है। अब, सुपरजेट आकाश का राजा बन चुका है। दूरदराज के गांवों तक माल ढोने से लेकर, आर्कटिक मिशनों तक, यह तूफानों से डरने वाला नहीं। रूस ने दुनिया को दिखा दिया: स्वदेशी तकनीक से कोई सपना असंभव नहीं। पीडी-8 की गर्जना में, एक नया युग शुरू हो गया-जहां विमान न केवल उड़ते हैं, बल्कि तूफानों को चीरते हैं।
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