Russia Ukraine War: यूक्रेन को न्यूक्लियर हथियार देने की पश्चिम की योजना के खुलासे से हड़कंप, रूस ने धमकाया
रूस-यूक्रेन में शांति के प्रयासों के दौरान युद्ध में न्यूक्लियर हथियारों का मामला सामने आने के बाद हलचल मच गई है। रूस ने दावा किया है कि पश्चिमी देश यूक्रेन को एटम बम जैसे न्यूक्लियर हथियार देने की योजना बना रहे।
Russia Ukraine War: रूस-यूक्रन युद्ध में शांति प्रयासों के लिए चल रही वार्ताओं के दौरान बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। रूसी विदेश खुफिया सेवा (SVR) ने दावा किया है कि फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) यूक्रेन को परमाणु हथियार उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं। इस खुलासे के बाद क्रेमलिन ने पश्चिम को बड़ी धमकी और चेतावनी दी है।
यूक्रेन को परमाणु युद्ध तक पहुंचाना चाहते हैं पश्चिमी देश
मॉस्को टाइम्स की खबर के अनुसार क्रेमलिन ने मंगलवार को चेतावनी दी कि फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) यूक्रेन को परमाणु हथियार उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं। यह युद्ध समाप्त करने के प्रयासों को खतरा पैदा कर सकता है। रूस की विदेश खुफिया सेवा (SVR) ने मंगलवार सुबह आरोप लगाया कि लंदन और पेरिस के अधिकारी गोपनीय रूप से "कंपोनेंट्स, उपकरण और तकनीक" भेजने की योजना बना रहे हैं। ताकि यूक्रेन एक सबमरीन-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल बना सके जो थर्मोन्यूक्लियर वारहेड (परमाणु युद्धक) ले जा सके। SVR ने कहा कि यह कथित परमाणु हथियार यूक्रेन को अमेरिका-मध्यस्थता वाली शांति वार्ताओं में मजबूत स्थिति देगा।
परमाणु अप्रसार व्यवस्था के लिए पैदा हो सकता है खतरा
SVR के इस खुलासे के बाद क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस "अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी नियमों और सिद्धांतों का घोर उल्लंघन" बताया और कहा कि यह "पूरे परमाणु अप्रसार व्यवस्था" के लिए खतरा है। उन्होंने कहा, "यह जानकारी निश्चित रूप से हमारे द्वारा ध्यान में रखी जाएगी और यूक्रेन पर चल रही बातचीतों में विचार की जाएगी। इससे संकेत मिलता है कि रूस इन आरोपों को अपनी लीवरेज के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकता है। रूस के ऊपरी सदन फेडरेशन काउंसिल ने ब्रिटिश और फ्रांसीसी सांसदों से SVR के परमाणु हथियार दावों की संसदीय जांच शुरू करने की अपील की।
रूस ने कहा-ऐसा होने पर लंदन और पेरिस का इसे संयुक्त हमला माना जाएगा
क्रेमलिन ने बयान में कहा, "लंदन और पेरिस यह नहीं भूल सकते कि रूस की परमाणु नीति के अनुसार किसी गैर-परमाणु राज्य द्वारा परमाणु शक्ति की मदद से आक्रामकता को बढ़ाना उनका संयुक्त हमला माना जाएगा। यह आरोप रूस-यूक्रेन युद्ध की चौथी वर्षगांठ पर आए हैं। फिलहाल बातचीत गतिरोध में है और दोनों पक्ष क्षेत्रीय मुद्दों पर समझौता करने को तैयार नहीं दिख रहे। इस साल अब तक तीन दौर की बैठकें हो चुकी हैं, और चौथा दौर इस सप्ताह होने की उम्मीद है। यूक्रेन ने इन आरोपों को "बेतुका झूठ" करार दिया है, जबकि ब्रिटेन और फ्रांस ने भी इसका खंडन किया है। SVR ने कोई ठोस सबूत नहीं दिया, और यह रूसी प्रचार का हिस्सा माना जा रहा है। जर्मनी ने कथित तौर पर इस "खतरनाक साहसिक कार्य" में शामिल होने से इनकार कर दिया है।ये दावे वैश्विक परमाणु खतरे को बढ़ा सकते हैं, क्योंकि रूस ने पहले ही टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दी है।
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