जबरदस्ती सम्राट बना दिया गया था यह शख्स, खूनखराबे के बीच महल में छिपा मिला था
रोम के इतिहास में एक सम्राट ऐसा भी हुआ है जिसे जबरदस्ती सत्ता सौंप दी गई थी। हालांकि क्लॉडियस नाम के इस सम्राट ने सत्ता हासिल होने के बाद खुद को एक सक्षम शासक साबित किया।

रोम के इतिहास में कई शक्तिशाली और महत्वाकांक्षी सम्राट हुए, लेकिन सम्राट क्लॉडियस (Claudius) की कहानी बाकी सभी से जुदा है। क्लॉडियस ने न तो सत्ता के लिए कभी संघर्ष किया, और न ही वह सम्राट के तौर पर कभी खुद को देखना चाहते थे। वह शायद रोम के इतिहास में इकलौते ऐसे शख्स होंगे जिन्हें जबरदस्ती सम्राट बना दिया गया। क्लॉडियस की कहानी एक ऐसे शख्स की कहानी है, जो कई मामलों में कमतर होते हुए भी किस्मत के दम पर सम्राट बना, और फिर एक नया इतिहास रचकर ही दुनिया से विदा हुआ।
शाही परिवार में हुआ था क्लॉडियस का जन्म
क्लॉडियस का जन्म 10 ईसा पूर्व में रोमन शाही परिवार में हुआ था। वह सम्राट ऑगस्टस के परिवार से जुड़े थे, लेकिन शारीरिक कमजोरियों के कारण उन्हें हमेशा कमतर समझा गया। इतिहासकारों के अनुसार, क्लॉडियस को हकलाने की समस्या थी, उनका चलना-फिरना भी सामान्य नहीं था और वह अक्सर बीमार रहते थे। यही वजह है कि उनके अपने परिवार ने उन्हें राजनीति और सत्ता से दूर रखा। उस जमाने में रोम में माना जाता था कि शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्ति शासन करने के योग्य नहीं हो सकता। इसी धारणा के चलते क्लॉडियस को कभी गंभीरता से नहीं लिया गया। हालांकि, वह इतिहास, कानून और प्रशासन के अच्छे ज्ञाता थे, लेकिन उनकी बौद्धिक क्षमता पर कभी भी किसी ने ध्यान नहीं दिया।
भतीजे की हत्या के बाद छिप गए थे क्लॉडियस
वक्त बीतता रहा और क्लॉडियस के भतीजे कैलीगुला रोम के सम्राट बने। उनका शासन अत्याचार, पागलपन और हिंसा के लिए जाना जाता है। उन्होंने अपने शासनकाल में अत्याचार की सारी सीमाएं लांघ दी थीं। उनके अत्याचारों से परेशान होकर 41 ईस्वी में मात्र 28 साल की उम्र में कैलीगुला के अंगरक्षकों ने ही उनकी हत्या कर दी। इस हत्या के बाद रोम में अराजकता फैल गई। लोगों के विरोध को देखते हुए शाही परिवार के सदस्य यह मान रहे थे कि अब उन्हें भी मारा जा सकता है। इसी डर के कारण क्लॉडियस महल के भीतर एक पर्दे के पीछे छिप गए। प्राचीन इतिहासकारों के मुताबिक, क्लॉडियस बुरी तरह डर गए थे और अपनी जान बचाने के लिए किसी भी तरह सत्ता से दूर रहना चाहते थे।
प्रेटोरियन गार्ड्स ने क्लॉडियस को ढूंढ़ निकाला
कहानी का सबसे रोचक मोड़ तब आया, जब सम्राट की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सैनिक यानी कि प्रेटोरियन गार्ड्स महल की तलाशी ले रहे थे। उसी दौरान उन्होंने पर्दे के पीछे छिपे क्लॉडियस को देख लिया। पहले तो सैनिकों सोचा कि क्लॉडियस की भी जान ले ली जाए, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हुआ कि शाही परिवार के किसी सदस्य का जीवित होना उनके लिए फायदेमंद हो सकता है। सीनेट जहां गणराज्य को फिर से स्थापित करने पर विचार कर रही थी, वहीं प्रेटोरियन गार्ड्स को एक ऐसे सम्राट की जरूरत थी, जो उनके कंट्रोल में हो।
और जबरदस्ती सम्राट बना दिए गए क्लॉडियस
रोम की सत्ता पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए सैनिकों ने क्लॉडियस को जबरदस्ती सम्राट घोषित कर दिया। कहा जाता है कि क्लॉडियस डर और असमंजस में थे, और उनके पास प्रेटोरियन गार्ड्स की बात मानने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। उन्हें सैनिकों की सुरक्षा में कैंप ले जाया गया और वहीं उन्हें सम्राट मान लिया गया। रोम के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी सम्राट को सीधे सेना ने सत्ता दिलाई। बाद में सीनेट को भी मजबूरन इस फैसले को स्वीकार करना पड़ा। और इस तरह क्लॉडियस एक सम्राट के रूप में पूरी तरह स्थापित हो गए।
क्लॉडियस ने मजबूती से चलाया अपना शासन
कमाल की बात यह हुई कि जिन लोगों ने क्लॉडियस को कमजोर समझा था, वे पूरी तरह गलत साबित हुए। सम्राट बनने के बाद क्लॉडियस ने खुद को एक सक्षम प्रशासक के रूप में साबित किया। उन्होंने न्याय व्यवस्था में सुधार किए, प्रांतों के प्रशासन को मजबूत किया और रोमन साम्राज्य का विस्तार किया। उनके शासनकाल में ब्रिटेन पर रोमन विजय एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इसके अलावा, उन्होंने नागरिकों को कानूनी अधिकार दिए और प्रांतों के लोगों को रोमन शासन में भागीदारी का मौका दिया। इस तरह जिस डरे-सहमे शख्स को जबरदस्ती सम्राट बनाया गया, उसने अपना नाम इतिहास में एक सक्षम शासक के रूप में लिखवा लिया।