जर्मनी में पकड़े गए हमास के 3 कथित आतंकी, इजरायल से जुड़े यहूदी संस्थानों पर हमले की थी बड़ी साजिश
हमास सदस्यों की ये गिरफ्तारी केवल जर्मनी की आंतरिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि यूरोप में फिलिस्तीनी संघर्ष के फैलते प्रभाव और वैश्विक आतंकवाद के नए रूपों की ओर भी संकेत करता है।
बर्लिनः जर्मनी में हमास के 3 आतंकवादियों को पकड़े जाना का दावा किया गया है। जर्मनी पुलिस के अनुसार हमास के ये तीनों सदस्य इजरायल और यहूदियों से जुड़े संस्थानों पर बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। मगर इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जर्मनी के संघीय अभियोजक ने बुधवार को बताया कि तीन कथित फिलिस्तीनी संगठन हमास के सदस्यों को इज़रायली या यहूदी संस्थानों पर हमले की साजिश के शक में गिरफ्तार किया गया है। इन संदिग्धों को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां न्यायाधीश यह तय करेंगे कि उन्हें मुकदमे से पहले हिरासत में रखा जाए या नहीं।
एके-47 समेत कई हथियार बरामद
फ्रांस 24 न्यूज के अनुसार अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ये तीनों व्यक्ति इस गर्मी की शुरुआत से ही हथियार हासिल करने की कोशिशों में लगे हुए थे। छापेमारी के दौरान उनके पास से एके-47 राइफल समेत कई हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। इनमें से दो संदिग्ध जर्मन नागरिकहैं, जबकि तीसरे की पैदाइश लेबनान में हुई थी। जर्मनी के निजता कानूनों के तहत इनकी पहचान अबेद अल जी, वाएल एफ.एम., और अहमद आई के रूप में ही सार्वजनिक की गई है।
हमास के नेतृत्व में कर रहे थे काम
गौरतलब है कि हमास एक फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन है, जिसने वर्षों से इज़रायली नागरिकों पर सैकड़ों हमले किए हैं, लेकिन उसने शायद ही कभी इज़रायल और फिलिस्तीनी क्षेत्रों के बाहर कोई कार्रवाई की हो। ऐसे में यह सवाल उठ सकता है कि क्या ये गिरफ्तार लोग हमास नेतृत्व के आदेश पर काम कर रहे थे या फिर सिर्फ हमास या फिलिस्तीनी उद्देश्य के प्रति सहानुभूति रखने वाले समर्थक थे। इन गिरफ्तारियों के समय यह भी सामने आया है कि हमास अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से गाज़ा युद्ध समाप्त करने के लिए पेश की गई शांति योजना का अध्ययन कर रहा है।
हमास ने कई इजरायलियों को बना रखा है बंधक
लगभग दो साल पहले हमास द्वारा दक्षिणी इज़रायल में किए गए एक हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए थे और 251 अन्य को बंधक बना लिया गया था। अब तक अधिकांश बंधकों को युद्धविराम समझौतों के तहत रिहा किया जा चुका है, लेकिन 48 अभी भी गाज़ा में कैद हैं, जिनमें से लगभग 20 के जीवित होने की संभावना इज़रायल द्वारा जताई गई है। इज़रायल ने इस हमले के जवाब में गाज़ा में जो सैन्य अभियान चलाया, उसमें अब तक 66,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और लगभग 1,70,000 लोग घायल हुए हैं। गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मारे गए लोगों में लगभग आधे महिलाएं और बच्चे हैं।
