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जिसे ऑक्टोपस समझा वह कुछ और ही निकला, 30 करोड़ साल पुराने जीव को पहचानने में धोखा खा गए वैज्ञानिक

वैज्ञानिकों ने 30 करोड़ साल पुराने जीव 'पोल्सेपिया माजोनेन्सिस' को पहले सबसे पुराना ऑक्टोपस माना था, लेकिन नई रिसर्च में यह नौटिलस का रिश्तेदार निकला। सिंक्रोट्रॉन तकनीक से जांच में दांतों की संरचना अलग पाई गई, जिससे सच्चाई सामने आई और अब गिनीज रिकॉर्ड से इसका नाम हटाया जाएगा।

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Image Source : PEXELS REPRESENTATIONAL यह तस्वीर एक ऑक्टोपस की है।

लंदन: वैज्ञानिक जिस जीव को 'दुनिया का सबसे पुराना ऑक्टोपस' समझ रहे थे, वह दरअसल कोई और ही जीव निकला है। करीब 30 करोड़ साल पुराने एक समुद्री जीव से दुनिया के सबसे पुराने ऑक्टोपस होने का तमगा छिन गया है। वैज्ञानिकों की नई रिसर्च में सामने आया है कि यह जीव असल में ऑक्टोपस नहीं, बल्कि नौटिलस यानी कि एक तरह के खोल वाले समुद्री जीव का रिश्तेदार था। यह जीव 'पोल्सेपिया माजोनेन्सिस' (Pohlsepia mazonensis) के नाम से जाना जाता है और इसे पहले गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में सबसे पुराने ऑक्टोपस के रूप में दर्ज किया गया था।

माजोन क्रीक इलाके में खोजा गया था जीवाश्म

नई रिसर्च का नेतृत्व यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के जूलॉजिस्ट थॉमस क्लेमेंट्स ने किया है। उन्होंने बताया कि यह फॉसिल या जीवाश्म लंबे समय से वैज्ञानिकों के बीच बहस का विषय रहा है। क्लेमेंट्स ने कहा, 'इस फॉसिल को समझना बहुत मुश्किल है। देखने में यह बस सफेद-सा धुंधला ढांचा लगता है। अगर आप ऑक्टोपस पर रिसर्च करते हैं, तो यह ऊपर से देखने में गहरे समुद्र के ऑक्टोपस जैसा लगता है।' यह जीव करीब इंसान के हाथ के आकार का था और इसे अमेरिका के इलिनॉयस राज्य के माजोन क्रीक इलाके में खोजा गया था। यह इलाका डायनासोर के आने से भी पहले के जीवाश्मों के लिए जाना जाता है।

वैज्ञानिकों को आखिर कैसे हुआ शक?

साल 2000 में जब इसे ऑक्टोपस बताया गया था, तब इससे यह धारणा बनी कि ऑक्टोपस बहुत पहले विकसित हो गए थे, जबकि अब तक ज्ञात दूसरा सबसे पुराना ऑक्टोपस फॉसिल सिर्फ 9 करोड़ साल पुराना है।
क्लेमेंट्स के मुताबिक, 'यह बहुत बड़ा अंतर था, इसलिए वैज्ञानिकों को शक होने लगा कि क्या यह सच में ऑक्टोपस है।' इस रहस्य को सुलझाने के लिए वैज्ञानिकों ने 'सिंक्रोट्रॉन' तकनीक का इस्तेमाल किया, जिसमें बहुत तेज रोशनी से फॉसिल के अंदर की संरचना देखी जाती है।

गहराई से जांच में सामने आ गई सच्चाई

वैज्ञानिकों ने जब गहराई से जांच की तो उन्हें 'रैड्युला' यानी कि दांतों की एक पंक्ति मिली, जो सभी मोलस्क जीवों में पाई जाती है। हर पंक्ति में 11 दांत थे, जबकि ऑक्टोपस में आमतौर पर 7 या 9 दांत होते हैं। क्लेमेंट्स ने कहा, 'इसमें दांत ज्यादा हैं, इसलिए यह ऑक्टोपस नहीं हो सकता। इसी से हमें समझ आया कि यह असल में नौटिलस का जीवाश्म है।' इन दांतों का मेल 'पेलियोकैडमस पोहली' नाम के एक अन्य नौटिलस जीवाश्म से भी मिला, जो उसी इलाके में पाया गया था। वैज्ञानिकों का मानना है कि पहचान में गलती इसलिए हुई क्योंकि यह जीव सड़ने के दौरान अपना खोल खो बैठा था, जिससे इसकी असली पहचान छिप गई।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से अब हटेगा नाम

यह रिसर्च इस हफ्ते 'प्रोसीडिंग्स ऑफ द रॉयल सोसाइटी बी' जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इसके बाद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने कहा है कि अब 'सबसे पुराने ऑक्टोपस' का खिताब हटा दिया जाएगा। गिनीज के मैनेजिंग एडिटर एडम मिलवर्ड ने कहा, 'यह एक बेहद दिलचस्प खोज है। हम पुराने रिकॉर्ड को हटा रहे हैं और नए सबूतों की समीक्षा करेंगे।' इस जीवाश्म का नाम इसके खोजकर्ता जेम्स पोल के नाम पर रखा गया है और यह शिकागो के फील्ड म्यूजियम में रखा हुआ है। क्लेमेंट्स ने कहा कि इस नई खोज से म्यूजियम को निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि अब उनके पास 'दुनिया का सबसे पुराना सॉफ्ट-टिश्यू नौटिलस' है।

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