वाशिंगटन: अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने आज कांग्रेस को आगाह किया कि अगर ईरान के साथ परमाणु मुद्दे पर हुए ऐतिहासिक समझौते को अमेरिकी सांसद मंजूरी नहीं देते हैं तो भारत, चीन और जापान जैसे देश अमेरिका का पक्ष नहीं लेंगे क्योंकि वे ईरान के तेल के प्रमुख ग्राहक हैं। केरी ने फिलाडेलफिया में ईरान परमाणु समझौते पर एक और भावुक दलील में कहा कि कांग्रेस के सदस्यों का ऐसा विचार करना उनकी गलतफहमी है कि वे इस योजना को गिराने के लिए मतदान कर सकते हैं और उसके बाद भी चीन, दक्षिण कोरिया, तुर्की, भारत जैसे देश उनकी बात स्वीकार करेंगे जो ईरान के तेल के प्रमुख ग्राहक हैं।
केरी ने कहा कि पाबंदियों का समर्थन करने पर उनको हर साल करोड़ों डॉलर के खर्च का सामना करना पड़ेगा? यह नहीं होने जा रहा है। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि यह नहीं भूलना चाहिए कि पाबंदियों की वजह से जिस धन को रोक लिया गया है, वह अमेरिकी सरकार के नियंत्रण वाले अमेरिकी बैंकों में नहीं पड़ा हुआ है। यह धन एस्क्रो में रोका गया है और उन देशों ने रोका है जिनके साथ ईरान के वाणिज्यक लेनदेन हैं।
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